जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए पिछले कई सालों से जनसुनवाई/तहसील दिवस और थाना दिवस का आयोजन किया जाता है। इन दिवसों पर तहसील मुख्यालयों तथा थानों पर आला अफसरों की भी मौजूदगी होती है। आम आदमी की धारणा बन चुकी है कि बिना आला अफसरों की मौजूदगी के न्याय मिलना संभव है। इस वजह से इसमें बड़ी संख्या में शिकायती प्रार्थना पत्र आते हैं, लेकिन कुछ ही का निस्तारण मौके पर हो पाता है।
शेष मामलों को संबंधित विभाग के अधिकारियों के पास भेज दिया जाता है जिसकी वजह से मामले लटक जाते हैं। इसके चलते फरियादियों को मायूसी हाथ लगती है। नतीजा न्याय की तलाश में फरियादी चक्कर काटते रहते हैं। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि शिकायतों के निस्तारण में जिला अव्वल रहा है।जिले में तहसील दिवस के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी से अब तक आए कुल 2241 मामलों में से 599 लंबित हैं। जिसमें 21 मामले पुराने हैं, जबकि शेष लंबित मामले पिछले तहसील दिवस के हैं।
शिकायतों के निस्तारण में शानदार प्रदर्शन का ही नतीजा रहा कि जनपद को प्रदेश में अव्वल रहने का गौरव प्राप्त हुआ। हालांकि थाना दिवस के मामले में आंकड़े कुछ खट्टे हैं। मिली जानकारी के अनुसार 25 जनवरी से अब तक 2176 मामले थाना दिवस में आए। इनमें से सिर्फ 1065 का निस्तारण किया गया है जबकि 1071 लंबित हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग न्याय की आस में थाना दिवस में पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि रोजाना औसतन 50 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।