फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: 15 की थी अनुमति, गांव पहुंचे थे सपा के 250 लोग

विज्ञापन
पुलिस लाइन सभाागार में पत्रकार वार्ता करते अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष मोर्डिया। संवाद
विज्ञापन
गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में किशोरी निशा विश्वकर्मा की माैत के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल व ग्रामीणों के बीच हुए पथराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को वाराणसी मंडल के एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया ने पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ताकर पूरे घटना क्रम व कार्रवाई की जानकारी दी। एडीजी ने बताया कि 15 सदस्यीय सपा प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन करीब 250 लोग पहुंच गए थे।
विज्ञापन


उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि पुलिस अराजकतत्वों की अफवाहों पर ध्यान न दें और तत्काल पुलिस अधिकारियों के सीयूजी नंबरों पर जानकारी दें। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने बताया कि बीते 15 अप्रैल की सुबह डाॅयल-112 पर एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उनकी पुत्री की मृत्यु जमानिया गंगा नदी के पुल से कूदकर हो गई है। पुल पर उसका गमझा, मोबाइल एवं चप्पल रखी हुई है। पुलिस ने शव को नदी से निकालने के बाद विधिक कार्रवाई करते हुए वीडियोग्राॅफी के साथ पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना से आया।

मृतका के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। बीते 19 अप्रैल को मृतका के पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्जकर विवेचना थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक द्वारा शुरू की गई। मुख्य आरोपी हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि आरोपी अभिषेक पांडेय को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एडीजी ने बताया कि बताया कि बीते 22 अप्रैल को गांव कटरिया में 15 सदस्यीय सपा प्रतिनिधिमंडल को गांव जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन करीब 250 लोग पहुंच गए थे। मृतका के परिवार को सपा के प्रतिनिधि मंडल से चाैराहे पर लाकर मिलवाया गया। प्रतिनिधि मंडल के समर्थक अनिल यादव ने एक ग्रामीण की पिटाई कर दी थी।
विज्ञापन


इसके बाद पुलिस पर पथराव की घटना हुई। इस मामले में 46 नामजद एवं 200 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। पथराव के समय सपा का एक प्रतिनिधिमंडल गांव में मौजूद था, जिसमें सम्मिलित व्यक्तियों के द्वारा उत्तेजित होकर पथराव किया गया। डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि अफवाह फलाई गई थी कि किशोरी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर गंगा में फेंका गया था। पुलिस की जांच में ये तथ्य गलत पाया गया।



पिता ने बताया घटनाक्रम, बोले - आरोपी को मिले फांसी की सजा

गाजीपुर। करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में किशोरी निशा की माैत के मामले में पिता सियाराम विश्वकर्मा ने मीडिया से अपना दर्द साझा किया। और पुलिस से मांग की कि आरोपी को फांसी की सजा दिलाई जाए। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल की रात में वह खेत में गेहूं की फसल काटने गए थे। वहां से रात करीब एक बजे लाैटे थे। घर पहुंचे तो पता चला कि बेटी घर पर नहीं थी। पास के हरिओम पांडेय के घर गया तो उसने बताया कि चाचा आपकी बेटी को घर छोड़ दिया है। लेकिन बेटी घर नहीं पहुंची थी, इसलिए हरिओम पांडेय ही बेटी की माैत का जिम्मेदार है।

उन्होंने बताया कि बेटी की शादी की तैयारी चल रही थी। 25 अप्रैल को लड़के वाले आने थे। पिता ने बताया कि बेटी का फोन मिलाया तो घटना स्थल से किसी व्यक्ति ने बेटी के फोन से बताया कि पुलिया पर गमछा और मोबाइल पड़ा है। माैके पर पहुंचे तो पता चला कि वह बेटी का ही था। इसके बाद पुलिस को 112 पर सूचना दी। 22 अप्रैल के घटनाक्रम के बारे में उन्होंने बताया कि मैने पत्र लिखकर अपील की थी कि सिर्फ 10 लोग आकर मिल सकते हैं, लेकिन ज्यादा लोग पहुंच गए थे। इसी बीच गांव के अनिल यादव की किसी से झड़प हो गई थी। एसओ ने उसको गाड़ी में बैठा लिया था। इसके बाद एसओ मुझे प्रतिनिधि मंडल से मिलवाने ले गए थे। कुछ बातचीत हुई थी कि पथराव हो गया। जिसमें एसओ भी घायल हो गए थे। पिता ने बताया कि तहरीर लिखवाने में किसी तरह का दबाव नहीं डाला गया। पुलिस ठीक काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें