शहर के स्टीमरघाट पर सड़क पर लगे बाढ़ के पानी में समर्थको के साथ धरना प्रदर्शन करते सभासद संजय वर्मा।
गंगा की बाढ़ से नगर के कई मोहल्ले भी घिरे हुए हैं। तमाम घरों में पानी घुस गया है। ज्यादातर परिवार के लोग मकान की छत पर रह रहे हैं। बावजूद अभी तक कोई प्रशासनिक अधिकारी हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचा। जिला प्रशासन की उपेक्षा को देखते हुए शनिवार को सभासद संजय वर्मा के नेतृत्व में मुहल्लावासियों ने स्टीमर घाट की सड़क पर बाढ़ के पानी में घुसकर प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सभासद संजय वर्मा ने कहा कि नगर के अधिकांश मुहल्ले बाढ़ के पानी से घिरे हैं। सबसे अधिक परेशानी वार्ड नंबर 24 और चार के लोगों को उठानी पड़ रही है। स्टीमर घाट को जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी भर जाने से दूकानें पूरी तरह से प्रभावित हैं। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई नुमाइंदा तक यहां नहीं पहुंचा। कहा कि स्टीमर घाट, अंजही घाट तथा मार्टिनगंज मुहल्ले में बाढ़ के पानी से कई घर घिर गए हैं। लोग घर वाले ऊपरी मंजिल पर रहने को बाध्य हैं। दो वक्त का भोजन भी बड़ी मुश्किल से मिल पा रहा है। इसके लिए कई बार अधिकारियों से मिलकर समस्याएं बताई गई। लेकिन आज तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
सभासद सहित बाढ़ पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि राहत नहीं मिली तो वह अगले दिन सत्याग्रह करेंगे। पीड़ितों का कहना है कि बाढ़ में उनका रोजगार-धंधा भी बंद है। नगर पालिका चेयरमैन विनोद अग्रवाल का कहना है कि राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका में कोई कोष नहीं है। नगर में बाढ़ पीड़ितों के लिए जहां नाव की जरूरत पड़ी है। उधर एडीएम आनंद शुक्ल ने कहा कि यह मामला अब उनके संज्ञान में आया है। इस पर वह गौर करेंगे और जल्द राहत पहुंचाने का काम किया जाएगा। कामता प्रसाद, लालचंद वर्मा, मनीष श्रीवास्तव, उत्तम चंद जायसवाल, कमला प्रसाद, लालजी गुप्त, विजय कुमार, जयहिंद गुप्त, हरिनारायण राजभर आदि मौजूद रहे।