अब मरीजों को जांच के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। खासकर रात में निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। जिला अस्पताल का पैथोलॉजी केंद्र का जल्द ही 24 घंटे संचालन होगा। एक सप्ताह में इस सुविधा का लाभ मरीजों को मिलने लगेगा। इस व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राजकीय मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से कवायद तेज कर दी गई है। साथ ही शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के लिए सूची भी तैयार की जा रही है। सबसे खास बात तो यह है कि रविवार को छुट्टी के भी दिन पैथोलॉजी खुला रहेगा, जिससे अन्यत्र भागदौड़ न करनी पड़े।
महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य मेडिकल कालेज से जिला अस्पताल के संबद्ध होने के साथ ही वहां चिकित्सकीय सुविधाओं की व्यवस्थाएं भी सुदृढ़ होनी शुरू हो गई है। जांच के अत्याधुनिक मशीनों से जहां लैस किया गया, वहीं मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए कालेज के प्रधानाचार्य द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस क्रम में पैथोलॉजी केंद्र को 24 घंटे संचालित करने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। अब तक सुबह आठ बजे से दोपहर के दो बजे तक ही पैथोलॉजी केंद्र का संचालन किया जाता है। ऐसे में शाम के तीन बजे के बाद अगर कोई आपत स्थिति में मरीज पहुंचता है अथवा वार्ड में भर्ती मरीज की जांच जरूरी होती है तो तीमारदारों को निजी केंद्र तक भागदौड़ तो लगानी ही पड़ती है। साथ ही आर्थिक दंश भी उन्हें झेलना पड़ता है। यहीं नहीं जांच रिपोर्ट के अभाव में सही बीमारी का पता नहीं लग पाता है और मरीजों को माकूल और उचित उपचार से वंचित होना पड़ता है। मरीजों को हो रहे आर्थिक नुकसान और परेशानी को देखते हुए कालेज प्रशासन की ओर से सप्ताह में प्रत्येक दिन 24 घंटे तक पैथोलॉजी के संचालन को लेकर ठोस रणनीति तैयार की गई और स्वास्थ्य कर्मियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाने के लिए सूची भी तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है, जिससे एक सप्ताह के अंदर इस व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।
दस टेक्निशियन संभालेंगे मोर्चा
गाजीपुर। पैथोलॉजी के सफल संचालन के लिए दस लैब टेक्निशियन की तैनाती कर दी गई है। साथ ही जांच रिपोर्ट के लिए कम्प्यूटर आपरेटर भी तैनात कर दिए गए हैं, जिससे जांच रिपोर्ट मिल सके। सुबह सात बजे से 3 बजे तक, दोपहर दो बजे से रात 10 बजे तक और रात के आठ बजे से आठ बजे तक शिफ्ट का संचालन होगा, जिससे जांच व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।
पैथोलॉजी केंद्र का सात दिनों तक 24 घंटे का संचालन होगा। इसके लिए शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाएगी। इसके संचालन से मरीजों की जांच कभी हो सकेगी और उन्हें रिपोर्ट भी आसानी से मिल सकेगा।-
प्रोफेसर डा. आनंद मिश्रा, प्रधानाचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य मेडिकल कालेज