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गाजीपुर: पंचायत चुनाव परिणाम ने भाजपा को दिया करारा झटका 

Thu, 06 May 2021 10:02 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर

सार

अधिकांश सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार दूसरे और तीसरे नंबर पर भी नहीं रहे  
यह नतीजे आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल के लिए मानी जा रही खतरे की घंटी
  गाजीपुर की 67 सीटों पर 35 निर्दल बने जिला पंचायत सदस्य, सपा को 12, बसपा 10, भाजपा 7, कांग्रेस 2, सुभासपा 1 सीट मिली  
 
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजीपुर में पंचायत चुनाव के नतीजों से जहां सपा को संजीवनी मिली है वहीं सत्तारूढ़ दल भाजपा को करारा झटका लगा है। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाने के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

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भाजपा ने चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए पुराने समर्पित कार्यकर्ताओं के बजाए जिताऊ और जातिगत समीकरण देखकर उम्मीदवारों को मैदान में उतारा लेकिन परिणाम उसके अनुरूप नहीं आया। यहां तक कि अधिकांश सीटों पर उसके उम्मीदवार दूसरे और तीसरे नंबर पर भी नहीं रहे। इसे आठ महीने बाद प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ दल के लिए खतरे की घंटी मानी जा रही  है।
  
जिले में कुल 67 जिला पंचायत सदस्य की सीट है। इसमें लगभग 35 सदस्य निर्दल निर्वाचित होकर आए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की चाभी इन्हीं निर्दलीय सदस्यों के हाथ में होगी। सपा जिलाध्यक्ष रामधारी यादव के अनुसार उनके 12 अधिकृत उम्मीदवार जीत कर आए हैं जबकि लगभग दस सदस्य उसके अपने हैं जिनके सहयोग से आसानी से वह अध्यक्ष पद प्राप्त कर लेंगे। वैसे समाजवादी पार्टी का बड़ा चेहरा जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी संभाल चुके पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह की पत्नी का चुनाव हार जाना सपा के लिए गहरा सदमा है।

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वजह गाजीपुर जिला पंचायत अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित है। पूर्व सांसद की पत्नी को इसका प्रबल दावेदार माना जा रहा था। चुनाव परिणाम से सबसे ज्यादा निराशा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को हुई है। पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की सात विधानसभा सीटों में से तीन सीट और उस समय की उसकी सहयोगी भासपा को दो सीटों पर सफलता मिली थी।

भासपा ने बीच में ही भाजपा का साथ छोड़कर अलग रास्ते का चयन कर लिया। उसका असर भी पंचायत चुनाव में देखने को मिला है। भाजपा ने सात सीटें जीती हैं, कांग्रेस ने 2 और सुभासपा को एक सीट मिली है। हालांकि भाजपा जिले की सर्वोच्च कुर्सी को पाने के लिए पूरा प्रयास करेगी।

भाजपा के जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के अनुसार पार्टी के सात अधिकृत प्रत्याशी सफल हुए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पाने के लिए उसे बड़ी संख्या में निर्दल सदस्यों का समर्थन प्राप्त करना होगा। इसलिए ज्यादा संभावना है कि भाजपा किसी दमदार निर्दल प्रत्याशी को ही अपना समर्थन देकर मैदान में उतार दे। बसपा जिलाध्यक्ष अजय कुमार भारती ने बताया कि दस सीटों पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों ने सफलता प्राप्त की है। जिले की संसदीय सीट पर भी उसका कब्जा है। 
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