मौधा। राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी है। इसके अनुसार किसी प्रकार के बकाएदार और दस्तावेज में कमी होने पर दावेदारों का पर्चा खारिज हो जाएगा। वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। साथ ही मतदाता सूची में नाम और आरक्षित वर्ग के लिए जाति प्रमाण पत्र का होना भी आवश्यक होगा। इसके अलावा जो समितियों के बकाएदार हैं वे भी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। एसडीएम सैदपुर विक्रम सिंह ने कहा कि उम्मीदवारों को नामांकन के साथ ही नो-ड्यूज भी देना होगा कि सहकारी बैंकों या समिति में उनका कोई बकाया नहीं है। उधर निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल होगा। प्रत्याशी के लिए यह जरूरी होगा कि उनका प्रस्तावक उसी निर्वाचन क्षेत्र का निवासी हो जहां से उन्हें चुनाव लड़ना है। नामांकन के दिन से ही चुनाव पर होने वाले खर्च का हिसाब शुरु हो जाएगा। चुनाव परिणाम आने के तीस दिन के अंदर ही स्व प्रमाणित बिल रसीद के साथ खर्च का पूरा ब्यौरा निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करना होगा। क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों के दूसरे निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने पर मतदाता सूची की प्रमाणित प्रति नामांकन पत्र के साथ ही जमा करनी होगी। नामांकन पत्र की जांच के दौरान उम्मीदवार को स्वयं उपस्थित रहना होगा। अपरिहार्य स्थिति में ही प्रस्तावक को रहने की अनुमति मिल सकती है।