मौसम में बदलाव के साथ ही स्माल पाक्स का प्रकोप बढ़ने लगा है। भांवरकोल क्षेत्र के वीरपुर एवं कनुआन गांव में स्माल पाक्स के 12 से ज्यादा लोग पीड़ित हैं और यह बीमारी दूसरे लोगों को भी चपेट में ले रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपचार की उपयुक्त व्यवस्था न होने से उन्हें निजी चिकित्सकों की शरण में जाना पड़ रहा है।
वीरपुर गांव में रितु राय, अरुण राय, कन्हैया राय, सोनी खरवार, बेचन, कल्लू राय, मेराज अंसारी, सोनू कुशवाहा, रमेश, विकास खरवार, सोनू, रजनी स्माल पाक्स से पीड़ित हैं। इसी तह कनुआन गांव की गीता राजभर, प्रीति राजभर, अनिल राजभर, कंचन राजभर, सुगंता देवी, खुश्बू तथा अंजली को स्माल पाक्स हुआ है। जानकारी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना हुआ है। उपचार के लिए कोई न पहुंचने से गांव के लोग बीमारी को लेकर खौफजदा हैं।
उनका कहना है कि जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो अन्य लोग भी बीमारी से पीड़ित हो जाएंगे। चिकित्सकों के मुताबिक स्माल पाक्स के बीमार लोगों को एहतियात नहीं बरतने पर बीमारी ठीक होने के बाद मरीज को निमोनिया का खतरा बना रहता है। इसके अलावा उसके फफोलों पर से निकलने वाली त्वचा के हिस्से हवा में फैलने पर दूसरों को भी बीमार कर सकते हैं।