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Ghazipur News: 11 सहकारी समितियों में से 10 बंद मिली, निजी दुकानदार वसूले रहे अधिक दाम

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बरहपुर सहकारी समिति के गेट पर लटका ताला। संवाद
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गाजीपुर। वर्तमान में खरीफ की खेती का सीजन है लेकिन, किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि खाद के लिए कहीं हंगामे की खबर आ रही है, तो कहीं साधन सहकारी समितियां बंद हैं। किसानों का आरोप है कि पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है। इससे खरीफ की खेती प्रभावित हो रही है। प्राइवेट दुकानदार खाद के लिए अधिक मूल्य वसूल रहे हैं। अखबार की पड़ताल में 11 समितियों में 10 सहकारी समितियों पर ताला लटका नजर आया। इनमें बहादुरगंज, महुआरी, देवकली, सलामतपुर, पाली, बरहपुर, सादात, नसीरपुर, यूसुफपुर, बरेसर ग्रामीण सहकारी समिति बंद मिली।नंदगंज: बरहपुर गांव में स्थित सहकारी समिति पर ताला लटका मिला। सुबह जब किसान खाद लेने के लिए समिति पर गए तो वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। स्टॉक बोर्ड पर खाद को शून्य दर्शाया गया था। किसान विवश होकर बाजार से यूरिया खाद जिंक के साथ 490 से लेकर 520 रुपये प्रति बोरी खरीद रहे हैं। बहादुरगंज : क्षेत्र की साधन सहकारी समितियाें पर यूरिया तथा डीएपी न मिलने से किसान परेशान हैं। महंगे दामों पर प्राइवेट दुकानों से खरीदने को विवश हैं। मनिहारीः क्षेत्र के साधन सहकारी समिति यूसुफपुर, नसीरपुर, खड़बा, सिखड़ी सहित अन्य समितियों पर यूरिया तथा डीएपी खाद की किल्लत है। धान की रोपाई के बाद उसमें छिड़काव के लिए खाद की जरूरत होती है। लेकिन, पर्याप्त खाद आपूर्ति नहीं होने के कारण धान की खेती प्रभावित हो रही है। औड़िहारः सैदपुर खाद वितरण केंद्र पर सैकड़ों किसानों का जमावड़ा लगा था। किसान खाद के लिए परेशान नजर आए। किसान राम लक्ष्मण ने बताया कि उन्हें दो बोरी यूरिया की आवश्यकता थी। लेकिन, उनसे कहा गया कि यूरिया खत्म हो गई है। इसलिए अब नहीं मिल सकती है। सचिव मनीष सिंह ने बताया कि 250 बोरी खाद आई थी। जिसमें से 230 बोरी का वितरण कर दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जनपद में एक रैक खाद आ चुकी है। जिसको समितियों पर भेजा जा रहा है। बरेसर : बरेसर ग्रामीण सहकारी समिति पर ताला लटकता हुआ मिला। इसके कारण समिति पर आए हुए किसान मायूस होकर वापस लौट गए।
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266.50 रुपये के बजाय वसूल रहे 350-भीमापार। क्षेत्र में सहकारी समितियों पर ताला लटका मिला। निजी दुकानदार ओवर रेटिंग कर रहे हैं। 266.50 रुपये प्रति बोरी कीमत सरकार की ओर से निर्धारित की गई है। प्राइवेट दुकानों पर किसानों को 300 से लेकर 350 रुपये तक मूल्य का भुगतान करना पड़ रहा है। भीमापार सहकारी समिति पर दो दिन पहले 500 बोरी यूरिया किसानों को बांटी गई थी। किसानों को खतौनी और आधार कार्ड देने पर मात्र दो बोरी ही खाद मिल रही है। जबकि किसानों को 10 बोरी खाद की आवश्यकता है।
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