आपातकाल के दौरान साल 1975 में जेल जाने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानियों के चिंतन शिविर का आयोजन रविवार को मरदह क्षेत्र के तेजपुरा गांव में हुआ। यह आयोजन प्रेम सिंह की ओर से कराया गया। कार्यक्रम में तीन प्रस्तावों पर खास तौर पर चर्चा हुई और उन्हें ध्वनिमत से पारित किया गया।
इन प्रस्तावों में लोकतंत्र सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों जैसी सुविधाएं देने के लिए लड़ाई का आगाज करने पर मंत्रणा हुई। इसके अलावा उन संगठनों से जवाब तलब करने पर भी चर्चा हुई जो लोकतंत्र सेनानियों की हिफाजत का दावा तो खूब करते हैं लेकिन हकीकत में इससे ठीक उलट हैं। साथ ही उन तमाम साथियों के लिए संघर्ष करना जो लालफीताशाही का शिकार होकर अधिकृत सहूलियतों से पीछे छूट गए। उन्हें न तो पेंशन मिली और न उनकी अर्जी पर कोई कार्रवाई हुई।
चिंतन शिविर इस संकल्प के साथ समाप्त हुआ कि आपातकाल जैसी स्थितियां फिर पैदा हुईं तो फिर जेल भरेंगे। शिविर में मऊ, आजमगढ़ और गाजीपुर के लोकतंत्र सेनानी मौजूद रहे। जिनमें जगन्नाथ सिंह, मिथिलेश सिंह, रमाशंकर सिंह, अवध भूषण, टीएन राय, ओमप्रकाश सिंह समेत अन्य लोग शामिल हुए।