शहर के सरजू पांडेय पार्क में शुक्रवार को बहुजन मुक्ति मोर्चा पार्टी के बैनर तले भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय पिछड़ा मोर्चा और राष्ट्रीय किसान मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यूपीपीसीएल के निजीकरण के विरोध में धरना दिया। साथ ही नायब तहसीलदार करंडा दिनेश श्रीवास्तव को राज्यपाल को संबोधित पत्रक सौंपा।
बहुजन मुक्ति मोर्चा के जिला महासचिव नौबत सिंह ने कहा कि यूपीपीसीएल के निजीकरण से सरकार का इस पर कोई नियंत्रण नहीं रह जाएगा। इसके चलते बिजली के दाम मनमाने ढंग से बढ़ने के साथ ही इसमें काम करने वाले बहुत से कर्मचारियों की नौकरी खतरे पड़ जाएगी। किसानों के नलकूप की बिजली पर मिलने वाली छूट खत्म कर दी जाएगी। साथ ही बिजली के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुओं में बेतहाशा महंगाई आएगी। निजीकरण को रोकने के लिए पार्टी और विभिन्न संगठनों की तरफ से चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। आंदोलन के दूसरे चरण में सरजू पांडेय पार्क धरना दिया गया है। राष्ट्रीय किसान मौर्चा के जिलाध्यक्ष छांगुर प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस धरने के बाद भी सरकार यूपीपीसीएल के निजीकरण का फैसला नहीं बदलती है तो पार्टी और संगठनों के कार्यकर्ता जेल भरो आंदोलन करेंगे।
इसके बाद डीएम आर्यका अखौरी के प्रतिनिधि को प्रदेश की राज्यपाल को संबोधित पत्रक सौंपा। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय पिछड़ा मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष मनई राम ने किया। इस मौके पर भारत मु्क्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष पारस नाथ बौद्ध, दिलीप कुमार गौतम, वीरदयाल राव, विनोद कुमार बागी आदि मौजूद रहे।