जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सुजीत कुमार श्रीवास्तव और सदस्य रणविजय मिश्र ने मंगलवार को सोनाड़ी गांव के आठ परिवादियों का परिवाद स्वीकार करते हुए विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता को फर्जी बिल निरस्त करने का आदेश दिया। साथ ही परिवादियों को तीन माह के भीतर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में आदेश का पालन नहीं होने पर परिवादी विधिक कार्रवाई के लिए स्वतंत्र होंगे।
मुहम्मदाबाद तहसील के सोनाड़ी गांव निवासी राम प्रताप राय, कलावती देवी, ओम प्रकाश, रामजी, राम विलास सहित आठ लोगों ने विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। परिवादियों के अनुसार, विद्युत कनेक्शन के लिए विभागीय नियमों के तहत प्रारंभिक शुल्क जमा किया गया था, लेकिन कनेक्शन नहीं दिया गया। इसके बावजूद उनके नाम विद्युत उपभोग दर्शाते हुए बिल भेजे जाते रहे। परिवादियों ने बिलों को निरस्त कराने के लिए अधिशासी अभियंता को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद एसडीओ मुहम्मदाबाद से आख्या मांगी गई। एसडीओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि परिवादियों को कोई विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया है। ग्राम प्रधान ने भी प्रमाण पत्र देकर इसकी पुष्टि की थी। इसके बाद जेई ने भी एसडीओ को पत्र भेजकर कनेक्शन नहीं दिए जाने की जानकारी दी। इन रिपोर्टों के बावजूद बिल निरस्त नहीं किए गए। मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवादियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए फर्जी बिल निरस्त करने और तीन माह के भीतर विद्युत कनेक्शन देने का आदेश दिया।