औड़िहार। विकास खंड क्षेत्र सैदपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत गैवीपुर के पूर्व ग्राम प्रधान श्यामसुंदर एवं तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अशोक कुमार यादव को शौचालय एवं कूप निर्माण मरम्मत कार्य में वित्तीय एवं अनाज की अनियमितता का दोषी पाए जाने के मामले में दोनों लोगों से एक लाख 73 हजार रुपये नगद एवं 11.20 कुंतल अनाज वसूल किए जाने का आदेश उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जारी किया गया है। अनाज एवं वित्तीय धनराशि की वसूली की जिम्मेदारी का परिपत्र न्यायालय ने जिलाधिकारी गाजीपुर को सौंपा है।
गैवीपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2001-02 में 50 शौचालयों एवं दो कूप मरम्मत कार्य के लिए मिली धनराशि में वित्तीय अनियमितता के आरोप की जांच तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा जिला सेवायोजन अधिकारी को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी द्वारा उपरोक्त धनराशि और अनाज हड़पने की आख्या शासन को सौंपी गई थी। इसके आधार पर जिलाधिकारी ने उक्त वित्तीय धनराशि और अनाज की वसूली का आदेश जारी किया था। तत्कालीन ग्राम प्रधान एवं सचिव ने उक्त आदेश के विरुद्ध उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया लेकिन प्रशासन की ओर से प्रस्तुत पक्ष की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अपने स्थगन आदेश को निरस्त कर 17 नवंबर 2018 को पुन: वसूली का आदेश जारी किया। जिलाधिकारी कार्यालय से विगत सप्ताह सैदपुर विकासखंड कार्यालय को वसूली किए जाने का आदेश मिलते ही पंचायत विभाग में हड़कंप मचा है। मालूम हो कि अशोक यादव इस समय देवकली ब्लॉक में सहायक विकास अधिकारी पंचायत के पद पर तैनात हैं।