दुल्लहपुर/ मनिहारी। दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के सिखड़ी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव के दौरान गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई। प्रसूता की हालत गंभीर बनी है। उसका मऊ के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। परिजनों ने एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रविवार को दुल्लहपुर- गाजीपुर मार्ग को जाम कर दिया। सूचना पर पहुंचे नोडल अधिकारी व थानाध्यक्ष ने कार्रवाई का आश्वासन देकर 40 मिनट चले जाम को समाप्त करा दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने छानबीन करने के साथ नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बिरनो थाना के चकदाऊद गांव के दो भाइयों संदीप चौहान की गर्भवती पत्नी खुशबू चौहान और अच्छेलाल चौहान की गर्भवती पत्नी प्रीति चौहान को पीड़ा होने पर शनिवार की सुबह 11 बजे परिजन पीएचसी सिखड़ी ले गए। आरोप लगाया कि वहां तैनात एएनएम ने दोनों को दवा देने के साथ इंजेक्शन लगा दिया और समय से पहले ही प्रसव कराने का प्रयास करने लगी। आरोप है कि अभिभावक से बिना पूछे खुशबू का एक छोटा ऑपरेशन भी कर दिया। साथ ही पेट दबाकर प्रसव कराने के प्रयास करने लगी। इससे गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई। इधर, गर्भवती प्रीति चौहान की भी हालत खराब होने लगी। दोनों गर्भवती की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें रात 11 बजे मऊ के निजी अस्पताल लेकर चले गए। आरोप लगाया कि अस्पताल जाते समय एएनएम ने पैसे की मांग शुरू कर दी। उधर मऊ के निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि पेट दबाने के चलते प्रसूता खुशबू चौहान का बच्चा गर्भ में ही मर गया है। सर्जरी कर नवजात को बाहर निकाला गया। प्रसूता की हालत गंभीर है। परिजन नवजात का शव लेकर सिखड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और एएनएम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। आरोप है कि नोडल अधिकारी डाॅ. शिशिर शैलेश एएनएम का ही पक्ष लेकर बात करने लगे। इससे गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने रविवार दोपहर में गाजीपुर- दुल्लहपुर मार्ग जाम कर दिया। थानाध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह के आश्वासन पर जाम समाप्त हुआ। नोडल अधिकारी डाॅ. शिशिर शैलेश ने बताया कि मामले की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी। थानाध्यक्ष कृष्णप्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित परिजनों की ओर से तहरीर मिली है। नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। छानबीन कर मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जाएगी।