गाजीपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा की तरफ से शहर स्थित लंका मैदान में महाराणा प्रताप के शहादत दिवस पर महाराणा महाकुंभ का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि हथियाराम सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर भवानीनंदन यति महाराज ने कहा कि महाराणा प्रताप समाज के प्रतिष्ठित नामो में से एक है। रामचरित मानस विवाद पर उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए इसे कुछ लोगों द्वारा स्वार्थ में धर्म भ्रष्ट करने की बात कही और कहा कि मैं उन्हें इस पर शास्त्रार्थ करने की खुली चुनौती देता हूं, वे लोग कभी भी इस पर शास्त्रार्थ कर लें। अगर रामचरित मानस की लिखी बातें गलत होंगी तो मैं सन्यास और अपनी गद्दी छोड़ दूंगा। अपने संबोधन भाषण में क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर अवनीश सिंह ने क्षत्रिय समाज के युवाओं को एकजुट होने का आह्वान किया। कहा कि महाराणा प्रताप क्षत्रिय कुल में पैदा हुए योद्धा थे जो अपने मान सम्मान मातृभूमि की रक्षा के लिए लड़ते-लड़ते अपने प्राणों की बलि दे दी थी। आज उनके शहादत दिवस पर उनको नमन करते हुए युवाओं के अंदर ऊर्जा का संचार करने हम लोग गाजीपुर आए हैं। कुंवर अवनीश ने कहा कि गाजीपुर बलिदानियों की धरती रही है यहां से एक से बढ़कर एक वीर योद्धा पैदा हुए। कहा रामचरितमानस पर आज देश मे सियासत छिड़ी है लेकिन प्रभु श्रीराम हमेशा से ही हमारे आदर्श रहे है और रहेंगे। रामचरितमानस चौपाई पर दिए बयान पर स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा दिए गए बयान पर अवनीश ने कहा कि ओछी मानसिकता के लोग ही इस तरह के बयान दे सकते है ऐसे लोगंो को सबक सिखाने की जरूरत है। पूर्व सहकारी समिति के जिला चेयरमैन अरुण सिंह ने कहा कि क्षत्रियों को एक मंच पर एक साथ इक्ठ्ठा करना बहुत बड़ी बात है। पूर्वजों के समय से ही क्षत्रियों ने समाज और धर्म की रक्षा की है। इसे आगे भी जारी रखना हम सबका कर्तव्य है। जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा कि जो राम का नहीं वो किसी काम का नहीं। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बयान पर कहा कि वो बुद्धिहीन हो गया है ऐसे लोगो को आने वाले चुनाव में और हिन्दू धर्म के लोग सबक सिखाएंगे। इस मौके भाजपा नेता रमेश सिंह पप्पू, अजित सिंह, आराधना सोलंकी, किरण सिंह, डा. डीपी सिंह, डा. स्वतंत्र सिंह समेत अन्य लोग शामिल रहे। अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर अवनीश सिंह एवं संचालन डा. दुर्गेश प्रताप सिंह ने किया।