सादात। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शनिवार को मतगणना के पास के लिए एजेंट बनने के लिए कोरोना की जांच कराने पहुंचे ग्रामीणों ने आपात और दवा वितरण कक्ष में घुसकर तोड़फोड़ की। मुख्य गेट का दरवाजा एवं अस्पताल की खिड़की का शीशा तोड़ने के साथ जांच के 45 सैंपल वायल को फोड़कर नष्ट कर दिया। यही नहीं करीब 250 जांच रिपोर्ट पर्चियां भी फाड़ दी। ओपीडी की मुहर लगी पर्ची को लूटकर लोग भागने लगे। इस दौरान लोगों ने अस्पताल कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। सूचना पर डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू में किया।
प्रभारी चिकित्सक डा. आरजे सिंह ने बताया कि ब्लाक से अचानक लगभग तीन सौ ग्रामीणों की भीड़ अस्पताल में आ गई और तत्काल जांच कर निगेटिव की रिपोर्ट मांगने का दबाव बनाया जाने लगा। जांच के कार्य में बाधक बनते हुए मुख्य गेट का दरवाजा और कई खिड़कियों का शीशा तोड़ दिया। कई मरीजों की रखी हुई आरटीपीसीआर की वायल रिपोर्ट को फेंक दिया। ओपीडी की मुहर लगी पर्ची भी लूटकर भाग निकले। सूचना पाकर जब तक पुलिस आती तब तक भीड़ ने अस्पताल का बहुत नुकसान कर दिया था। चुनाव में मतगणना एजेंट बनने के लिए कोरोना की जांच रिपोर्ट अनिवार्य है। सुबह ही अस्पताल में जांच के लिए लोग पहुंच गए थे। एक घंटे तक सब कुछ ठीक चला। उसके बाद जब भीड़ बढ़ी तो कुछ मनबढ़ किस्म के लोग पहले अपने और साथियों की जांच के लिए आपाधापी करने लगे। इस पर अस्पताल कर्मियों ने ऐसा करने से मना किया तो मामला बिगड़ गया। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. आरजे सिंह ने बताया कि पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन एक घंटे बाद होमगार्ड पहुंचे। बाद में फोर्स के पहुंचने पर लोगों को काबू में किया गया। इसकी रिपोर्ट उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दी है।