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बस स्टैंड पर मात्र चार बेंच, शौच के लिए पूछताछ केंद्र जाना पड़ेगा

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रोडवेज परिसर में बंद पड़ा यात्री शौचालय। - फोटो : GHAZIPUR
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स्थानीय रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। यहां बैठने के लिए मात्र चार बेंच है। जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है। वहीं शौचालय पर ताला लगा है। वहीं दरवाजे के पास लिखा है चाभी पूछताछ केंद्र में हैं। ऐसे में जब किसी यात्री को शौच के लिए जाना हो तो पहले पूछताछ केंद्र पर चाभी के लिए जाना पड़ेगा। बस स्टैंड पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। वहीं जिम्मेदार सुविधाओं को लेकर संजीदा नहीं हैं।
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जिले से लखनऊ, वाराणसी, आजमगढ़, मऊ, मथुरा, दिल्ली सहित गैर जनपदों और प्रांतों के लिए सरकारी बस सेवा रोडवेज सड़कों पर फर्राटा भरती है। जबकि रोडवेज बस स्टैंड से यात्री सुविधा का अभाव है। स्थिति यह है कि डिपो में यात्रियों के बैठन के लिए चार बैंच बने हुए है, जिस मात्र 12 यात्री ही बैठ सकते हैं। अन्य यात्रियों को खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। अधिकांश यात्री तो बस की लंबी प्रतीक्षा को देखते हुए जमीन पर चादर बिछाकर बैठने को विवश हैं। परिसर में साफ-सफाई भी नाममात्र का ही है। जगह- जगह पर कूड़े का ढेर लगा रहता था तो वही शौचालय के बाहर की नाली की सफाई न होने से दुर्गंध से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मांगने पर भी नहीं मिलती चाभी
यात्रियों के लिए बना शौचालय बंद रहता है और बंद दरवाजे के पास लिखा है कि चाभी पूछताछ कक्ष में है। हालांकि हकीकत तो यह है कि अगर कोई यात्री उसकी चाभी मांगता है तो उसे मुहैया नहीं कराया जाता है। ऐसे मेें उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। वहीं जिम्मेदार नल और टोटी गायब होने से शौचालय बंद रखने का हवाला देते हैं। यात्री को हो रही परेशानी से अधिकारियों और कर्मचारियों का वास्ता नहीं है।
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इस संबंध में एआरएम बीके पांडेय ने बताया कि शौचालय की चाबी इंचार्ज के पास रहती है। नल और टोटी गायब होने के चलते ताला बंद रहता है। यात्रियों को बैठने के लिए जो कुर्सियां मिलीं वह लगी हैं।
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