गाजीपुर। श्रम विभाग का ई-श्रम कार्ड योजना धरातल पर दम तोड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। दुर्घटना में मौत होने पर छह महीने में केवल पांच लोगों ने क्लेम के लिए आवेदन किया है। इनमें से दो आवेदन पात्र पाया गया है। यह आंकड़ा इस बात की गवाही दे रहा है कि ई-श्रम कार्ड योजना को लेकर श्रमिकों में बेरुखी है। यह भी कह सकते हैं कि श्रम विभाग अपनी इस महत्वाकांक्षी योजना को जनपद के श्रमिकों तक नहीं पहुंचा पा रहा है।
जनपद में कुल 14 लाख 88 हजार 911 श्रमिक श्रम विभाग में पंजीकृत हैं। ई-श्रम कार्ड योजना के तहत कोरोना काल में पंजीकृत श्रमिकों को एक हजार रुपये महीना दिया जा रहा था। कोरोना काल के बाद यह योजना बंद हो गई। अब ई-श्रम कार्ड योजना के तहत दुर्घटना में मौत होने पर असंगठित श्रमिकों के परिजनों को दो लाख रुपये बतौर बीमा धनराशि दी जाती है। इसके लिए शर्त यह है कि 31 अगस्त 2022 से पहले हादसे में संबंधित श्रमिक की मौत होनी चाहिए। इसको लेकर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। दस्तावेज के तौर पर एफआईआर की कॉपी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ई-श्रम कार्ड होना चाहिए। इसके बाद जिलाधिकारी स्तर पर आवेदन-पत्रों का सत्यापन होता है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीमा की धनराशि संबंधित श्रमिक के नॉमिनी के खाते में सीधे तौर पर भेजी जाती है। इस संबंध में प्रभारी श्रम प्रवर्तन अधिकारी केआर पांडेय ने बताया कि ई-श्रम कार्ड योजना के तहत दो क्लेम प्रक्रिया में है।