सुप्रीम कोर्ट का आदेश, रिहायशी एरिया में नहीं चलेंगी कोचिंग
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बिना पंजीकरण कराए चल रहे कोचिंग संस्थानों को किसी का भय नहीं है। 30 जून तक इन संस्थानों का पंजीकरण कराने के निर्देश के बावजूद कई संस्थान आज भी बिना पंजीकरण के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ऐसे संस्थानों पर नकेल कसने के लिए संबंधित विभाग की तरफ से तैयारी की जा रही है।
जिले में वर्तमान समय में 38 पंजीकृत कोचिंग सेंटर संचालित हैं। शहर सहित जनपद के कई ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सैकड़ों कोचिंग सेंटरों में से कुछ ही सेंटर पंजीकृत हैं, जबकि कई गैर पंजीकृत हैं। तमाम जतन करने के बाद भी बिना पंजीकरण के यह सेंटर शहर सहित कस्बे और गांवों में पैर पसारे हुए हैं। बिना पंजीकरण के चल रहे इन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई न होने से उनमें किसी तरह का कोई खौफ नहीं है। चिंता की बात तो यह है कि इन सेंटरों पर छात्रों के लिए मानक के अनुरूप सुविधाओं का भी अभाव है।
यही नहीं इन कोचिंग सेंटरों पर छात्र-छात्राओं का आर्थिक दोहन भी किया जा रहा है। नाममात्र की सुविधा होने के बावजूद इन सेंटरों की तरफ से छात्रों से मनमाना शुल्क वसूल किया जाता है। 30 जून तक कोचिंग संस्थानों को रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके पंजीकरण कराने को लेकर उनकी तरफ से रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को अभी तक एक कोचिंग संस्थान की ओर से पंजीकरण कराने के लिए आवेदन मिला है। हालांकि विभाग बिना पंजीकरण के चल रहे संस्थानों को लेकर गंभीर है। इसके लिए उसकी तरफ से इन संस्थानों पर नकेल कसने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।