गाजीपुर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग दावा तो कर रहा है, लेकिन स्थिति तो यह है कि करीब एक लाख 26 हजार बच्चों पर एक बाल रोग विशेषज्ञ है। हालांकि जिला अस्पताल में 100 बेड का जहां बच्चा वार्ड बनाया गया है। वहीं निजी अस्पताल में 15 बेड भी सुरक्षित किए गए है। जबकि पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बेडों की संख्या बढ़ाई गई है, जिससे किसी भी विकट परिस्थितियों में निपटा जा सके।
कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेकर संभावित तीसरी लहर की तैयारियों में प्रशासनिक अमला पहले से ही जुट गया था, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञों की कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी हुई है। ऐसे में निजी बाल रोग विशेषज्ञों से सहयोग लेकर उन्हें भी संभावित संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दस बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जबकि चार निजी बाल रोग विशेषज्ञों से सहायता लेने की तैयारी की जा रही है। वहीं जिला अस्पताल में बच्चा वार्ड स्थापित कराया जा रहा है, जिसमें 60 बेड जनरल वार्ड, 20 आईसीयू एवं 20 बेड एचडीयू में सुरक्षित रखा गया है। वहीं संक्रमित होने वाले बच्चों को ऑक्सीजन की दिक्कत न हो, इसके लिए अलग एक और प्लांट की लगाया जा रहा है। ऐसे में ऑक्सीजन की किल्लत पूर्णत: दूर हो जाएगी। वहीं जांच की सुविधा बढ़ाने को लेकर भी अलग से व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञों के अलावा जनरल मेडिसिन के डॉक्टरों से भी उपचार के दौरान मदद ली जाएगी। फिलहाल एएनएम, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती को लेकर सूची तैयार की जा रही है।