सादात। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा से वार्ता के बाद आश्वासन मिलने पर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने अपने शुक्रवार के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को स्थगित कर दिया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गत बुधवार को लखनऊ में महानिदेशक से मुलाकात की थी। वार्ता के बाद सकारात्मक आश्वासन मिलने पर संघ ने प्रत्येक ब्लाक संसाधन केंद्र पर धरना देने और खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ सादात के अध्यक्ष संजय कुमार कश्यप और सैदपुर ब्लाॅक के अध्यक्ष डॉ. रविंद्रनाथ यादव ने बताया कि महानिदेशक ने संघ को आश्वासन दिया कि जिस दिन मर्जर विद्यालय की संख्या बढ़ जाएगी, उस दिन से वह विद्यालय अपने मूल स्थान से संचालित होने लगेगा। शिक्षकों के स्वीकृत पद किसी भी दशा में कम या समाप्त नहीं किए जाएंगे। मर्जर से बेसिक शिक्षा संवर्ग पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। शिक्षामित्र एवं रसोइया का हित प्रभावित नहीं किया जाएगा। वह अपने पदों पर यथावत कार्य करते रहेंगे। महानिदेशक ने कहा कि सभी बीएसए को कम से कम संख्या वाले विद्यालयों एवं कम से कम विद्यालयों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। मर्जर का प्रस्ताव विद्यालय प्रबंध समिति के पारित प्रस्ताव पर ही किया जाएगा। मर्जर के लिए सहमति संबंधित विद्यालय के शिक्षक से जबरन नहीं लिखाई जाएगी। मर्जर वाले विद्यालय का यू-डायस कोड समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को अभियान चलाकर बंद कराने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित मानकों से विपरीत जाकर किसी परिषदीय विद्यालय को मान्यता प्रदान की गई है तो ऐसे विद्यालयों की जांच कराकर दोषियों को दंडित किया जाएगा। वार्ता में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री नरेश कौशिक, अध्यक्ष योगेश त्यागी, उपाध्यक्ष अनंत कुमार, लखनऊ मंडल के महामंत्री पंकज अवस्थी, लखनऊ के जिलाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्र, महामंत्री सुधीर सहगल शामिल थे।