उप्र बार कौंसिल के आह्वान पर आठ सूत्री मांगों को लेकर मंगलवार को जिले भर के वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इसके साथ ही उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह पटेल को मुख्यमंत्री को संबोधित मांगों का ज्ञापन सौंपा।
साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो अधिवक्ता आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे। गाजीपुर सदर में मंगलवार को सिविल बार, कलेक्ट्रेट बार, टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ता अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पुलिस आफिस के पास मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
इस दौरान कोतवाली पुलिस अधिवक्ताओं को रोकने में नाकामयाब रही। सभा को संबोधित करते हुए सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि सरकार वकीलों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि अधिवक्ताओं की मृत्यु पर पांच लाख की बीमा सहायता दी जाए।
नवागंतुक अधिवक्ताओं को प्रतिमाह 20 हजार रुपये का प्रोत्साहन भत्ता तथा बुजुर्ग वकीलों को पेंशन दी जाए। कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चिरायु प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि वकीलों की गंभीर बीमारी के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति में स्थायी सचिव की नियुक्ति की जाए। टैक्स बार एसोसिएशन की ओर से भी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान वीरेंद्र कुमार पांडेय, कार्यवाहक महासचिव मुन्ना लाल, चंद्रमोहन सिंह, राजेंद्र विक्रम सिंह, सुरेश सिंह, राजेश राय, ओमप्रकाश गुप्ता, अमरेंद्र नाथ सिंह, शिव प्रसाद यादव आदि मौजूद थे।
सैदपुर संवाददाता के अनुसार तहसील दिवस में कमिश्नर और डीआईजी तथा विभिन्न थानों की पुलिस बल की मौजूदगी के बाद भी अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी से नाराज होकर बार एसोसिएशन कार्यालय जुलूस निकालकर तहसील के मुख्य द्वार पर प्रदेश सरकार की पुतला फूंका। इस मौके पर नित्यानंद दीक्षित, आकाश सिंह, अरविंद यादव, गौरव यादव, चंद्रकेश सिंह, गोपाल तिवारी, आलोक पांडेय, जयप्रकाश सिंह, विनीत सिंह, विनोद सिंह आदि मौजूद थे।