एएसपी ने बताया कि पहले आरोपियों ने लल्लन को जमीन का खरीदार बन फोन कर बुलाया था। उसके बाद शराब पिलाई और फिर हत्या कर दी थी। एएसपी सिटी ने बताया कि थाना करंडा में तीन दिसंबर को दर्ज प्राथमिकी में पुलिस लगातार सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर मामले की परतें खोल सकी।
उन्होंने बताया कि मामले में पुलिस ने आरोपी हीरा यादव व अंकित यादव निवासी ग्राम बड़सरा, राजेश कुमार व धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप निवासी ग्राम तुरना को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
साजिश पहले रची गई, फिर पिलाई शराब
एएसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार हीरा यादव ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने पुत्र अखिलेश उर्फ दीपक के साथ मिलकर गांव तुरना के धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप से दो लाख रुपये के बदले लल्लन यादव की हत्या कराने का सौदा तय किया था। योजना के मुताबिक छोटू कश्यप ने फोन कर लल्लन यादव को गांव से बाहर बुलाया। चारों ने साथ बैठकर शराब पी और फिर उसे राजेश की बोलेरो में बैठाकर करीब 15 किलोमीटर दूर ले जाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे एक सुनसान पुलिया के नीचे लगे सीमेंट पाइप में फेंककर, पाइप का मुंह मिट्टी से बंद कर दिया ताकि शव किसी को न मिले।
एक आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
एएसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में मुख्य आरोपित व मृतक का भाई हीरा यादव ने खुलासा किया कि उसने अपने पुत्र अखिलेश उर्फ दीपक के साथ मिलकर गांव तुरना के धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप को पैसे देकर लल्लन यादव की हत्या कराई थी। एएसपी ने कहा कि मामले में वांछित अखिलेश उर्फ दीपक फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जुटी है।
भाई की पत्नी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तीन दिसंबर को मृतक के भाई स्व. सूर्यबली की पत्नी ऊषा देवी ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि दो दिसंबर को मेरे भसुर लल्लन यादव के फोन कॉल आई और उसके बाद वह बिना बताए घर से कहीं चले गए। बताया कि तहरीर के आधार पर गुशुदगी की प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चार दिसंबर को नंदगंज थानाध्यक्ष द्वारा डीसीआर ग्रुप पर यह मैसेज दिया गया कि तुरना गांव में पुलिया के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। सूचना के आधार पर वादिनी ने शव की शिनाख्त लल्लन यादव के रुप में की थी।
जमीन की खरीदार बन बुलाया था लल्लन को: अपर पुलिस अधीक्षक सिटी ने बताया कि तुरना के धर्मेंद्र कुमार और छोटू कश्यप ने लल्लन यादव को जमीन का खरीदार बन कर फोन किया और बुलाया। उसके बाद साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।