गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप देवी चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा की गई। तड़के शुरू हुआ पूजन-अर्चन का दौर अनवरत देर शाम तक चलता रहा।
हाथों में नारियल, गुड़हल की माला और भोग-प्रसाद लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां को अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। मां कामाख्या धाम में 5 हजार भक्तों ने हाजिरी लगाई। मंदिरों में हर ओर जय माता दी के जयकारे गूंजते रहे।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। नवरात्र के तीसरे दिन शहर सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में मां दुर्गा के चंद्रघंटा स्वरूप की आराधना की गई। घर पर नौ दिनों तक अनुष्ठान और व्रत रखने वाले भक्तों ने विधि-विधान से मातारानी की पूजा और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया।
शहर के मिश्रबाजार स्थित मां काली मंदिर, आमघाट स्थित शीतला माता, पीरनगर स्थित काली मंदिर, गोराबाजार स्थित दुर्गा मंदिर, मालगोदाम रोड स्थित मां शीतला मंदिर, नवाबगंज में शीतला मंदिर, कोट किला कोहना स्थित दुर्गा मंदिर, तुलसी का पुल स्थित दुर्गा मंदिर, हमीद सेतु स्थित मां काली धाम के साथ ही कामाख्या धाम में पूजा के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ लग गई थी।
मां के दर्शन-पूजन के लिए लोग कतारबद्ध रहे। लाइन में खड़े भक्तों ने प्रतीक्षा करने के बाद अपनी बारी आने पर मां का पूजन-अर्चन किया। मां कामाख्या मंदिर के महंत आकाशराज तिवारी ने बताया कि लगभग 5 हजार भक्तों ने हाजिरी लगाई। मंगला आरती के साथ ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया था जो रात तक चलता रहा।
मंदिर परिसर में मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर भक्त भावविभोर हो उठे। मां का आशीर्वाद लेने के लिए जिले सहित आसपास के जिलों एवं पड़ोसी राज्य बिहार से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
इसके अलावा मुहम्मदाबाद स्थित मनोकामना देवी, करीमुद्दीनपुर स्थित मां कष्टहरणी देवी, दिलदारनगर स्थित सायर माता, रेवतीपुर स्थित मां भगवती देवी, बहादुरगंज स्थित मां चंडी धाम, सैदपुर स्थित काली मंदिर, मां टड़वा भवानी सहित जिले के अन्य देवी मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालु दिन भर आते-जाते रहे।
नारियल, चुनरी, बताशा, फल आदि अर्पित कर भक्तों ने मां के चरणों में शीश झुकाकर मन्नत मांगी। पूजन-अर्चन के बीच पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। नवरात्र को लेकर मंदिरों में विशेष सजावट की गई है।
सुबह से शाम तक देवी धामों में मातारानी के जयकारे लगते रहे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे। भक्तों को दर्शन-पूजन में परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित लोग सक्रिय रहे।