इस संबंध में प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. बीएन साहनी ने बताया कि छात्राओं की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्र और छात्रा को छह माह के लिए निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही दोनों के अभिभावकों को बुलाया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। एसपी गाजीपुर ओमवीर सिंह ने कहा कि फिलहाल अभी कोई आपत्तिजनक वीडियो और फोटो नहीं मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज गाजीपुर का मामला
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होमियोपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की छात्राओं के साथ गंदे खेल का सच सामने लाने की कोशिश शुरू हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आरोपी छात्र मो. आमिर कहीं छात्रा को ब्लैकमेल करके यह काम तो नहीं करा रहा था। फिलहाल, दोनों के खिलाफ कॉलेज और पुलिस के स्तर से जांच की जा रही है। प्रतापगढ़ निवासी छात्र मो. आमिर और सीतापुर की रहने वाली छात्रा मंतशा काजमी का नाम इस मामले में सामने आए हैं। कॉलेज प्रशासन की पूछताछ में आरोपी मो. आमिर लगातार झूठ बोल रहा था।
कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, मो. आमिर बीएचएमएस द्वितीय वर्ष का छात्र है, जबकि छात्रा मंतशा बीएचएमएस प्रथम वर्ष की छात्रा है। अप्रैल में नया सत्र शुरू होने पर कॉलेज के सीनियर छात्र नए छात्र-छात्राओं की दाखिले के समय मदद करते हैं। संभवतः इसी समय आमिर मतंशा काजमी के संपर्क में आया और उसे अपने चंगुल में फंसा लिया। कॉलेज प्रशासन के पूछताछ करने पर आरोपी आमिर ने बताया कि मंतशा उसकी दूर की रिश्तेदार है। बाद में कड़ाई करने पर बताया कि उसकी मुलाकात लखनऊ में तैयारी के दौरान हुई थी।
मंतशा काजमी का कहना है कि दोनों कॉलेज में ही मिले हैं। वो इससे ज्यादा कुछ नहीं बता रही और खुद को बेगुनाह कह रही है। उधर, प्रभारी प्रधानाचार्य बीएन साहनी ने बताया कि कि छात्राओं का आरोप है कि दोनों मिलकर ये गंदा काम करते थे। तहरीर में छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रा कपड़े बदलने का वीडियो व फोटो बनाकर छात्र को भेजती थी। आरोपी छात्र हॉस्टल की छात्राओं से बात करने की कोशिश करता था। विरोध करने पर धमकी देता था।