गाजीपुर। अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस कोरोना योद्धा रूपी नर्सों को दिल से सलाम कर उनके प्रति कृतज्ञता जाहिर की गई। कोविड-19 संक्रमण के बीच नर्स देश में सच्चे योद्धा के रूप में सामने आई हैं। डॉक्टर द्वारा दिए गए निर्देश का यथासमय पर पालन करने और उचित देखभाल से ही बीमार व्यक्ति ठीक होता है औैर इसमें मुख्य भूमिका नर्स निभाती हैं। इस मुश्किल घड़ी में नर्सों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आमजन को स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने में नर्स की अहम भूमिका है। बुधवार को जनपद में कोविड-19 के चलते कोई आयोजन तो नहीं हुआ लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सभी नर्सों को ‘‘थैंक यू’’ कहकर सम्मान दिया है। ऐसी ही एक नर्स माला राजभर हैं। मार्च 2020 में सीएचओ के पद पर मरदह स्वास्थ्य केंद्र पर नियुक्त हुई थीं और अब ट्रांसफर होकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी में नियुक्त हैं। अपनी कार्यशैली से न सिर्फ वहां के स्टाफ बल्कि आने वाले मरीजों को भी काफी प्रभावित करती हैं। उन्होंने पिछले वर्ष ड्यूटी कोरोना हॉस्पिटल सहेड़ी स्वास्थ्य केंद्र पर किया। ड्यूटी से वापस आने के बाद कोरोना जांच टीम के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी पर भी कार्य किया। उन्होंने बताया कि जब से कोविड-19 टीकाकरण शुरु हुआ है तब से वह टीकाकरण कराने वाले लोगों का वेरिफिकेशन का कार्य कर रही हैं। वर्तमान समय में वह कोविड-19 पॉजिटिव होने के बाद भी विभागीय कार्यों को वर्क फ्रॉम होम में पूरा कर अपनी ड्यूटी निभा रही हैं। वर्क फ्रॉम होम के दौरान कोविड-19 टीकाकरण का ऑनलाइन करना, रिपोर्टिंग करना, इसके साथ ही टीकाकरण सेशन का एंड कराना भी इनकी जिम्मेदारी में शुमार है। कोविड-19 के चलते पिछले वर्ष सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी को कायाकल्प योजना के तहत पुरस्कार मिला था। स्वास्थ्य केंद्र द्वारा इन्हें भी सम्मानित किए जाने की योजना थी लेकिन उसके बाद से ही लॉकडाउन शुरु हुआ, जिसकी वजह से उनको सम्मानित किए जाने का कार्यक्रम भी रुका हुआ है।