कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं की गणित विषय में रुचि जगाकर उन्हें विषय में दक्ष बनाया जाएगा। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने सार्थक पहल करते हुए आवासीय विद्यालयों की शिक्षिकाओं को विशेष आनलाइन प्रशिक्षण दिया गया है कि कैसे रुचिकर ढंग से गणित पढ़ाया जाए कि छात्राओं का रुझान गणित की ओर बढ़े। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही है। शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े ब्लाकों में आवासीय विद्यालय खोलने का मकसद वंचित वर्ग की 11 से 14 वर्ष की बालिकाओं को गुणवत्तायुक्त प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। जिले के 16 में से 14 विकासखंडों में यह आवासीय विद्यालय स्थापित हैं। प्राय: देखा गया है कि विद्यार्थियों विशेष रूप से छात्राएं गणित से दूर भागती हैं। गणित के प्रति उनके इस भय को दूर करने तथा विषय को लेकर उनमें रुचि जगाने की कवायद की जा रही है। इसके तहत इन विद्यालय की शिक्षिकाओं को बीते दिनों आनलाइन प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी शिक्षिकाएं अब छात्राओं को रुचिकर ढंग से गणित विषय को पढ़ाएंगी जिससे छात्राओं में इस विषय को लेकर किसी तरह का भय न रहे। जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि चार विद्यालयों में नियुक्त गणित तथा पांच जगहों पर उनके अभाव में विज्ञान की शिक्षिकाओं को आनलाइन प्रशिक्षित किया जा चुका है। शेष पांच विद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षिकाओं की तैनाती होते ही उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा।