विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें सामान्य
अध्यापक भी पढ़ा सकेंगे। इसके लिए सरकार अध्यापकों को प्रशिक्षित करने जा
रही है।
समेकित शिक्षा के अंतर्गत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक अध्यापकों को
ब्रेल एवं साइन लैंग्वेज पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण देकर उन्हें दक्ष बनाया
जाएगा। इसी महीने शुरू होने वाले प्रशिक्षण की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा
रहा है।
सरकार की तरफ से प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए तमाम कवायद
की जा रही है। समेकित शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को
शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
जिले में 9161
विकलांग बच्चे हैं। इसमें श्रवण अक्षम 2292 एवं दृष्टि अक्षम 1602 बच्चे
हैं। जिले में महज 60 विशेष शिक्षक नियुक्त हैं। इसी क्रम में सरकार ने
समेकित शिक्षा के अंतर्गत अन्य अध्यापकों को भी प्रशिक्षित करने की योजना
बनाई है।
इसके तहत उन प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्कूल के अध्यापकों 5
दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा जहां श्रवण एवं दृष्टि अक्षम बच्चे पढ़ रहे
हैं। दृष्टि अक्षमता से संबंधित प्रशिक्षण के लिए 300 एवं श्रवण अक्षमता के
लिए 160 अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
प्रशिक्षण में जिला समन्वयक
एवं संबंधित विकलांगता के क्षेत्र में विशेषज्ञ इंटीनरेंट एवं रिसोर्स
टीचर्स की ओर से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
राज्य परियोजना
ने निर्देश दिया है कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रशिक्षण
से संबंधित विषयों पर वार्ता के लिए विशेषज्ञ एवं रिसोर्स और इंटीनरेंट
टीचर्स को लगाया जाए। अगर किन्हीं विषयों के लिए जिले में ये उपलब्ध न हों
तो पास के जिलों के संबंधित विकलांगता के विशेषज्ञ को प्रशिक्षण के लिए
बुलाया जा सकता है।
जिले के पांच विकासखंडों पर इसी महीने की 16
तारीख से शुरू होने वाले प्रशिक्षण की तैयारी अंतिम चरण में है। धनराशि
संबंधित बीआरसी पर भेजी जा रही है। अनुपम गुप्त, जिला समन्वयक, समेकित
शिक्षा