गाजीपुर। शहर और आसपास के इलाकों में मकान बनवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। अब एक रुपये में पंजीकरण होगा और बिना अनुमति के भवन बनवा सकेंगे।
साथ ही नक्शा भी आसानी से पास हो जाएगा। जिले के विनियमित क्षेत्र में उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन-2025 लागू कर दिया गया है। यह व्यवस्था स्वीकृत हुई है।
उप जिलाधिकारी सदर एवं नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र रविश गुप्ता गाजीपुर महायोजना-2031 के तहत स्वीकृत कॉलोनियों के भूखंडों पर भवन निर्माण के लिए अलग से अनुमति नहीं लेनी होगी। केवल एक रुपये की टोकन राशि देकर पंजीकरण कराना होगा। बताया कि 100 वर्ग मीटर तक आवासीय भवन व 30 वर्ग मीटर तक वाणिज्यिक भवन बनाने के लिए नक्शा, आवश्यक दस्तावेज और शुल्क जमा करना होगा। वहीं, 500 वर्ग मीटर तक आवासीय व 200 वर्ग मीटर तक वाणिज्यिक भवन का नक्शा तत्काल स्वीकृत किया जाएगा।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि नगर पालिका परिषद गाजीपुर का संपूर्ण क्षेत्र और सदर तहसील के 47 राजस्व ग्राम (ग्रामीण आबादी को छोड़कर) विनियमित क्षेत्र में शामिल किए गए हैं। इससे शहर और उसके विस्तार वाले क्षेत्रों में नियोजित और व्यवस्थित विकास हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि गाजीपुर महायोजना-2031 में निर्धारित भू-उपयोग और भवन उपविधि- 2025 के मानकों के अनुसार अब कालोनी (प्लाटिंग) के मानचित्र का अनुमोदन अनिवार्य होगा।
इससे अवैध कॉलोनियों पर रोक लगेगी और बुनियादी सुविधाओं के साथ विकास संभव होगा। बताया कि महायोजना में आवासीय भूमि उपयोग के लिए चिह्नित क्षेत्रों में 300 वर्ग मीटर तक के व्यक्तिगत आवासीय भवनों के नक्शे स्वचालित रूप से पास होंगे, बशर्ते भवन 9 मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़क हो।
एसडीएम का कहना है कि नई व्यवस्था से आम लोगों को भवन निर्माण में राहत मिलेगी, समय और खर्च दोनों की बचत होगी और शहरी विकास अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनेगा।