शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ संयुक्त संघर्ष समिति ने मंगलवार को दूसरे दिन भी मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया।
इस मौके पर आयोजित धरना सभा में शिक्षकों ने कहा कि कोरा आश्वासन देना सरकारों का चरित्र बन गया है। शिक्षक समस्याओं के प्रति उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
धरना सभा में शिक्षक नेता रामानुज सिंह ने कहा कि अब आश्वासन से काम नहीं चलेगा। मांगों के पूरा होने तक संघर्ष जारी रहेगा। विनोद सिंह ने कहा कि चाहे जो भी परिस्थितियां आएंगी मांगों के पूरा होने तक हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
अन्य शिक्षक नेताओं ने शिक्षकों की लंबित मांगों वित्तविहीन शिक्षकों को घोषित मानदेय का भुगतान, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितिकरण, पहली अप्रैल 2005 के बाद नियक्त शिक्षकों को पेंशन की सुविधा प्रदान करने, सीटी संवर्ग के शिक्षकों कोएलटी संवर्ग में संविलयन तथा बोर्ड परीक्षाओं में कार्य किए हुए शिक्षकों-कर्मचारियों के पारिश्रमिक का भुगतान तत्काल करने आदि मांगों की चर्चा की।
सभा में रामबदन सिंह यादव, अशोक राय, डा. तुंगनाथ पांडेय, सूर्यनाथ सिंह यादव, सौरभ पांडेय, कैलाश सिंह यादव, विजय कुमार श्रीवास्तव आदि ने विचार रखे। संचालन विनोद सिंह और राणाप्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से किया।