प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। भाजपा की सरकार बनने के बाद किसानों में कर्ज माफी की आस जग गई है। सरकार बनते ही किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। सहकारी बैंकों को भी भरपाई की उम्मीद है। आखिरी वित्तीय माह होने के बाद भी बैंकों की ओर से किसानों से ऋण वसूली को लेकर कोई खास अभियान नहीं चलाया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से सरकार बनने पर किसानों को कर्ज माफ करने का वादा किया गया था। अब जबकि प्रदेश में भाजपा की सरकार बन चुकी है। ऐसे में किसानों की कर्जमाफी की उम्मीदें बढ़ गई हैं। जिले में कुल चार लाख 16 हजार किसान हैं। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार करीब एक लाख पुराने किसान हैं जिन्होंने केेसीसी एवं फसली ऋण योजना के जरिए बैंकों से कर्ज लिए हैं।
साथ ही इस बार नए करीब 40 हजार किसान बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लेकर फसल की बुआई की है। एलडीएम मिथिलेश कुमार ने बताया कि किसानों से वसूली के लिए उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक है। लिहाजा आरसी तो जारी की जाती है लेकिन वसूली नहीं हो पाती है। लघु और सीमांत किसानों की ऋण माफी का निर्देश प्राप्त होने पर इन किसानों के ऋण माफ किए जाएंगे।
किसानों के अलावा सहकारी बैंकों को भी कर्जमाफी योजना के तहत होने वाली भरपाई से बैंकों की दशा सुधरने की उम्मीद है। मालूम हो कि जनपद के सहकारी बैंकों से करीब 26 हजार किसानों ने फसली ऋण लिया है। प्रदेश सरकार के कर्ज माफी से जहां लघु और सीमांत किसानों को फायदा होगा। वहीं बैंक पर लदे करीब साढ़े 24 करोड़ की धनराशि की भरपाई हो जाएगी। इससे सहकारी बैंकों की दशा में भी सुधार आने की पूरी उम्मीद है।