गाजीपुर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थश्रेणी कर्मियों को आउटसोर्सिंग के तहत रखा गया है। लेकिन इन्हें समय से वेतन के लिए तरसना पड़ रहा है। करीब 100 से अधिक ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें छह माह से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मानव संपदा की कमी के चलते बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न संचालित योजनाओं का क्रियान्यवन नहीं हो पा रहा था। खासकर चतुर्थ श्रेणी कर्मियों की कमी के चलते काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मानव संपदा उपलब्ध कराने वाले कंपनी से आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मियों की तैनाती तो जगह- जगह कर दी गई, लेकिन उनका समय से वेतन भुगतान को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
कभी छह माह तो कभी आठ माह से वेतन न मिलने की शिकायत जब संबंधित पटल लिपिक के पास पहुंचते हैं, तो वह कभी बजट का अभाव तो कभी एजेंसी से पूछने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, लिपिकों और एजेंसी के कर्मियों के बीच आउटसोर्सिंग कर्मी घुमते रह जाते हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। यहीं नहीं कुछ कर्मियों ने आरोप लगाया कि लिपिक जानबुझकर बजट वापस भेज देते हैं। इन्हें सिर्फ काम चाहिए, जबकि वेतन भुगतान की मांग करने पर पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करते हुए वेतन भुगतान कराने की मांग की है।