गाजीपुर। सीवर के लिए खोदाई के कारण नगर की अधिकरत सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। इनकी मरम्मत के लिए बकायदे समय सीमा निर्धारित की गई थी। लेकिन निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण आवागमन करने में लोगों को असुविधा होती है।पूर्व में नगर की बदहाल सड़कों को लेकर लोग सड़क पर उतर आए थे। उनके आंदोलन के बाद जिला प्रशासन की ओर से जर्जर व बदहाल सड़कों के निर्माण के लिए निर्धारित समयावधि तय की। साथ ही सीवर कार्य की समीक्षा के लिए एसडीएम अभिषेक को नोडल अधिकारी बनाया गया। इसके बाद नागरिकों को उम्मीद जगी कि जल्द ही उन्हें आवागमन में सहूलियत मिलेगी। वजह उन्होंने एक-एक सड़क के पूर्ण कराने की समय सीमा तय कर दी। लेकिन, धरातल पर स्थिति कुछ और ही है। रविवार को पड़ताल की गई तो स्थिति पहले ही जैसी नजर आई। नगर स्थित श्मशान घाट से नवाब साहब फाटक तक 25 दिसंबर तक पूर्ण होने वाली सड़क अभी भी अधूरी है है। जबकि निर्धारित समयावधि अब बीतने वाली है। इसी तरह सहबान तकिया से झंडातर तक सड़क का निर्माण कार्य 15 दिसंबर तक होने वाला था। यहां सड़क बन गई है लेकिन पटरियों के लिए मिट्टी फेंकने का कार्य जारी है। लकड़ी के टाल से मैरेज हाल तक सड़क निर्माण 23 दिसंबर तक होने वाला था। लेकिन, यहां पर निर्माण कार्य अधूरा पाया गया। झंडातर से नखास तक सड़क निर्माण 22 दिसंबर तक होने वाला था। लेकिन, यहां अभी कार्य जारी है। महुआबाग से ओपीएम फैक्ट्री तक सड़क निर्माण 25 दिसंबर तक होने वाला है। एक दिन शेष रहने के बाद भी यहां पर अभी कार्य ही नहीं शुरू हुआ है। वहीं अतिरिक्त एसडीएम व प्रभारी ईओ सदर नगर पालिका नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि मौके पर इंजीनियर को भेजकर वह देखवा लेते हैं कि आखिर निर्धारित समयावधि में सड़कें क्यों नहीं बनीं।