फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: 15 करोड़ की टंकी से एक बूंद नहीं मिला पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
बारा। स्थानीय गांव में 15 करोड़ रुपये से बनी टंकी से आज तक गांव वालों को एक बूंद भी पानी नहीं मिला। टंकी की क्षमता 2.10 लाख लीटर की है। यही हाल क्षेत्र के दो अन्य पानी टंकियों का भी है। विभागीय लापरवाही से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जलजीवन मिशन कागज पर ही दौड़ रही है।
विज्ञापन

वर्ष 2018 में जलनिगम की ओर से टंकी का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। पानी टंकी का निर्माण वर्ष 2020 में पूरा होना था, लेकिन यह वर्ष 2021 में बनकर तैयार हुई। इसके बाद रंगाई - पोताई की गई। विभागीय अभियंताओं का कहना है कि अतिरिक्त काम बढ़ने के कारण अब शासन से स्वीकृति मिलने के बाद ही शेष कार्य पूरा हो पाएगा। सर्वे के दौरान गांव के अंदर ही भूमि मिली थी, लेकिन वह कम पड़ गई तो गांव के बाहर टंकी का निर्माण कराया गया। इससे 10 किलोमीटर अतिरिक्त काम बढ़ गया। गांव में टंकी व सात उच्च प्रवाही ट्यूबवेल लगाए गए हैं। गांव के 4500 लोगों को कनेक्शन देकर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाना है।
पाइप लाइन में लीकेज से बंद है पेयजल आपूर्ति



हरकरनपुर गांव में वर्ष 2016 में 80 लाख रुपये की लागत से बनी पानी टंकी से कुछ दिनों तक पानी की सप्लाई भी की गई, किंतु उसके बाद पाइप लाइन में लीकेज और अन्य खराबी होने के बाद आपूर्ति बंद कर दी गई। हरकरनपुर गांव निवासी अक्षय पांडेय, परशुराम राजभर का कहना है कि गांव में 80 लाख की लागत से टंकी बनाई गई, लेकिन आज तक पानी की सप्लाई नहीं की गई।
विज्ञापन


छह वर्षों में सिर्फ खानापूर्ति
ग्राम पंचायत भतौरा में वर्ष 2018 में लाखों रुपये की लागत से टंकी का निर्माण कराया गया था। पाइप लाइन बिछाने का काम अभी भी अधूरा पड़ा है। ग्रामीण योगेंद्रनाथ राय, रामप्रताप यादव ने बताया कि पाइप लाइन बिछाने के नाम पर भी खानापूर्ति की गई है। जगह - जगह रास्तों को खोदकर छोड़ दिया गया है। पाइप वैसे ही पड़ी है और किसी ग्रामीण को पानी नहीं मिल पाया है।



योजना का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। लगभग 10 किमी पाइप लाइन बिछाकर गांव के मेन लाइन को टंकी से जोड़ने का काम शेष है। अतिरिक्त काम बढ़ने के कारण शासन को एस्टीमेट बनाकर भेजा गया है। बजट के लिए हर महीने पत्राचार भी किया जा रहा है। शासन द्वारा स्वीकृति मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।-दिवाकर विक्रम सिंह, एई जलनिगम ग्रामीण
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें