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Ghazipur News: कटरा गैंग के सरगना शंकर का नहीं आया जवाब, फिर मिला समय

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गोंडा देहाती में कमलेश बिंद के परिजनों से मिलने पहुंचा भाकपा-माले का प्रतिनिधिमंडल व खड़े पुलिस
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गाजीपुर। बिना नक्शा स्वीकृति के ही विनियमित क्षेत्र में मकान बनाने वाले विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी और कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय की ओर से सोमवार को नोटिस का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। हालांकि, सदर एसडीएम के अवकाश पर होने के चलते शंकर पांडेय के परिवार को 19 जून तक का समय दिया गया है। सदर उपजिलाधिकारी/नियत प्राधिकारी रविश गुप्ता ने बताया कि इसके बाद भी अगर कोई जवाब नहीं दिया गया तो उसके मकान को धराशायी करने की भी कार्रवाई हो सकती है।
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विनीत राय हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन की ओर से चारों तरफ से सख्ती की जा रही है। बिना नक्शा स्वीकृति के विनियमित क्षेत्र में घर बनाने पर शंकर पांडेय और कमलेश बिंद के भाई संजय बिंद को प्रशासन ने आठ जून को नोटिस जारी करते हुए 12 जून तक स्पष्टीकरण मांगा गया था। संजय बिंद ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अभिलेख प्रस्तुत किया था। वहीं, शंकर पांडेय की ओर से कोई प्रस्तुत नहीं हुआ।शंकर पांडेय के परिवार को 19 जून तक समय दिया गया है।

घर में बंद कुत्ते वीडियो वायरल
कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय के घर के बाहर ताला लटका हुआ है। दरवाजे पर नोटिस भी चस्पा है। वहीं, शंकर के घर के अंदर के कुत्ता बैठा हुआ है। यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो का संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करता है।
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अब तक पकड़ में नहीं आ सके तीन हत्यारोपी
मुख्य आरोपी कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय और उसके दो अन्य साथी आलोक दुबे और सोनू यादव पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस और एसओजी की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक फरार आरोपियों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।



कमलेश के घर जा रहे भाकपा माले के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका
भाकपा माले कार्यकर्ता कमलेश बिंद के परिजनों से मिलने गोड़ा देहाती पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन को रोक दिया। भाकपा-माले की केंद्रीय कमेटी के सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा और जिला सचिव ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि पार्टी की ओर से एसडीएम को पूर्व सूचना दी गई थी। इसके बावजूद जिस तरीके से गोंड़ा गांव से कार्यकर्ताओं को वापस किया गया और कमलेश के परिजनों से मिलने से रोका गया वह संविधानिक व लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है।
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