जिले में सरकारी भवनों के निर्माण के लिए भूखंड नहीं मिल रहे। इसके चलते 12 से अधिक विभागों के कार्यालय किराए के मकानों में संचालित हो रहे हैं। हालांकि नजूल और सरकारी भूखंड खाली है जिनके इस्तेमाल पर प्रशासन गंभीर नहीं है। इनमें से कुछ पर अतिक्रमण है तो कुछ पर अवैध कब्जे। जिन्हें हटाया नहीं जा सका है।
जिले के विकास और राजस्व की पूर्ति करने वाले कई ऐसे विभाग करीब दस वर्षो किराए के भवन में संचालित हो रहे हैं। जिले का सम्भागीय परिवहन विभाग करीब 16 वर्षों से किराए के भवन में चल रहा है।
शासन ने 2003 में जिला प्रशासन को जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा था। जमीन नहीं मिलने से प्रस्ताव वापस चला गया। निजी भवन निर्माण केलिए गोराबाजार स्थित पुलिस चौकी, ट्रामा सेंटर, मॉडल स्कूल, रोडवेज वर्कशॉप, निबंधन कार्यालय और होमगार्ड कार्यालय सहित कई अन्य महत्वपूर्ण
विभागों के अधिकारियों ने कई तत्कालीन जिलाधिकारी के पास जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा था। जिला प्रशासन ने जमीन की अनुपलब्धता दिखाते हुए इन विभागों के प्रस्ताव नामंजूर कर दिया। वहीं नगर पालिका परिषद के तहत आने वाले गोराबाजार क्षेत्र की नजूल की जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है।