कासिमाबाद तहसील की स्थापना के आठ वर्ष बाद भी यहां पर अभी तक फायर स्टेशन की स्थापना नहीं हो सकी है। जबकि जिला प्रशासन ने दो वर्ष पहले ही फायर स्टेशन बनाने का वादा किया था।
मालूम हो कि कासिमाबाद तहसील वर्ष 2016 से संचालित है। जिले में कासिमाबाद के साथ सेवराई तहसील मुख्यालय पर फायर स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया गया था। आठ वर्ष बाद भी इस तहसील मुख्यालय पर फायर स्टेशन की स्थापना नहीं हो सकी है।
करीब एक पखवारे के भीतर कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के नगवां में रिहायशी झोपड़ी के साथ बाराचवर गांव में गेहूं की खड़ी पांच बीघा से भी अधिक की फसल जलकर राख हो चुकी है। आग लगने पर जिला मुख्यालय या मुहम्मदाबाद तहसील मुख्यालय से दमकल की गाड़ियां आती हैं।
गाड़ियोंं के आते-आते सब कुछ जलकर बर्बाद हो जाता है। जहूराबाद से विधायक और प्रदेश सरकार में पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सुभासपा के मुखिया ओमप्रकाश राजभर ने 2017 के विधानसभा के चुनाव के दौरान सिंगेरा गांव के पास फायर स्टेशन बनवाने का वादा किया था।
वह वादा भी हवा-हवाई साबित हुआ। कासिमाबाद की तहसीलदार जया सिंह ने बताया कि तहसील बड़ी है। बड़ा क्षेत्र होने के कारण यहां पर फायर स्टेशन की आवश्यकता है।