नेपाल विमान हादसे में जान गंवाने वाले गाजीपुर के युवक
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नेपाल में जिन पांच भारतीयों की विमान हादसे में मौत हुई उसमें से चार युवक गाजीपुर जिले के बरेसर क्षेत्र के आस-पास के गांव के रहने वाले हैं। वो कई बार ऐसी यात्राओं पर जा चुके थे। उनके एक साथ यात्रा करने और दोस्ती से पूरा बरेसर क्षेत्र वाकिफ था। 10 किमी के दायरे में गांव होने से उनके परिवार, रिश्तेदार और आस-पास के लोग एक-दूसरे को बखूबी जानते थे।
इससे सभी उनकी किसी भी यात्रा को लेकर बेहद सुरक्षित महसूस करते थे। वह पोखरा के बाद गोरखपुर के रास्ते घर लौटने ही वाले थे कि रविवार को अनहोनी की सूचना मिल गई। चार मित्रों की मौत की खबर से गाजीपुर सहित पूरा इलाका मर्माहत हो गया। देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक लोग 10 किमी के दायरे में एक से दूसरे गांव आंसुओं का सैलाब लेकर पहुंचते रहे। मंजर ऐसा था कि गलियां, मकान, दुकान सब काटने को दौड़ रहा था।
नेपाल विमान हादसा: मौत से पहले सोनू जायसवाल की अंतिम मु्स्कान
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चकजैनब के 28 वर्षीय मृतक सोनू जायसवाल ने प्लेन हादसे से चंद सेकंड पहले लाइव वीडियो बनाना शुरू किया था, जो प्लेन हादसे के बाद भी जारी रहा। यानी सोनू के लाइव वीडियो में ही पूरा विमान हादसा कैद हो गया।
विमान हादसे के शिकार युवक के घर मचा कोहराम
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सोनू जायसवाल से पांच साल बड़े और मामा के लड़के सिऊरी अमहट निवासी अरुण जायसवाल ने बताया कि हादसे के कुछ देर बाद ही फेसबुक पर उसका वीडियो देखा। करीब एक मिनट का वीडियो था। पहले तो मैं समझ नहीं पाया कि हुआ क्या है। लेकिन आग जलती देख हादसे की आशंका में डूब गया। तब तक थाने से हादसे की जानकारी मिली।
विमान हादसे के शिकार युवकों के घर पहुंचे पुलिस अधिकारी
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बगल का गांव होने से तुरंत चकजैनब पहुंचा। वहां हादसे की जानकारी आ चुकी थी। उन्होंने बताया कि करीब 11.15 बजे विमान वहां पहुंचा था। तभी हादसा हुआ है। बीते शुक्रवार को ही वो काठमांडू पहुंचे थे। इसके बाद झील देखने और पर्यटक स्थल घूमने पोखरा जा रहे थे। इससे पहले पशुपतिनाथ के नजदीक एक होटल में रुके थे। पोखरा घूमने के बाद उनका गोरखपुर के रास्ते घर आने की योजना थी।
सोनू जायसवाल
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चकजैनब निवासी राजेंद्र जायसवाल के पुत्र सोनू जायसवाल पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। वह वाराणसी में शराब की दुकान का संचालन करते थे। सारनाथ में पत्नी रागिनी जायसवाल, एक पुत्र और पुत्रियों के साथ रहते थे। हादसे के बाद पिता राजेंद्र जायसवाल और मां द्रौपदी देवी रोते-रोते अचेत हो जा रहे हैं। परिवार के लोग सोनू जायसवाल की पत्नी और बच्चों को सोमवार को लेकर घर पहुंचे।
विमान हादसे का शिकार अनिल राजभर
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इसी गांव के रहने वाले अनिल राजभर दो भाइयों में छोटे थे। जहूराबाद में जनसेवा केंद्र का संचालन करते थे। घटना की जानकारी होते ही पिता रामदरश राजभर और माता सरस्वती देवी के रोने- बिलखने से गांव में मातम छा गया। बड़ा भाई सुनील दरवाजे पर आ रहे ग्रामीणों को देख बेसुध हो जा रहा था। परिजनों की इस दशा को देख ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू बहने लग रहे थे।
नेपाल विमान हादसे में विशाल की गई जान
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अलावलपुर अफ्गां निवासी विशाल शर्मा टीवीएस बाइक एजेंसी में फाइनेंस का काम करते थे। चकजैनब गांव से करीब आठ किलोमीटर रहने वाले विशाल शर्मा भी मित्रों के साथ पोखरा गए थे। तीन बहनों और भाई विश्वजीत, पिता संतोष शर्मा और माता सरिता देवी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। गांव के लोग उन्हें समझाने में जुटे रहे।
अभिषेक सिंह कुशवाहा
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धरवां गांव निवासी अभिषेक सिंह कुशवाहा जनसेवा केंद्र का संचालन करते थे। दो भाइयों में छोटे अभिषेक परिवार के चहेते थे। विमान हादसे की जानकारी होते ही पिता चंद्रमा सिंह कुशवाहा और माता मानती देवी, बड़ा भाई अविनेश रोते-रोते बेहोश हो गए। विमान हादसे ने ऐसा दर्द दिया कि चारों गांव ही नहीं पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।