गाजीपुर। जनपद में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन समेत दो हाइवे एनएच 24 व ताड़ीघाट-बारा राजमार्ग- 124 सी है। फोरलेन व हाईवे पर सुरक्षित यातायात को लेकर कोई इंतजाम नहीं है। जबकि प्रतिदिन 28 हजार लोग आवागमन करते हैं। यहां न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही किसी प्रकार का कोई गश्त होता है। इसके कारण फोरलेन व हाईवे पर सुरक्षित सफर पर खतरा मंडराता रहता है।
जनपद में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन करीब 117 किलोमीटर लंबा है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर प्रतिदिन करीब 11 हजार से अधिक वाहन आवागमन करते हैं। इसी तरह एनएच-24 व ताड़ीघाट-बारा राजमार्ग-124 सी पर करीब 17 हजार लोग आवागमन करते हैं। वाहनों का इतना अधिक दबाव होने के बाद भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि आपातकाल में लोगों को कैसे सहायता मिल पाएगी। एनएच-24 जिले में मेदनीपुर से शुरू होकर जमानिया होते हुए सैय्यदराजा तक चला जाता है। जनपद में इसकी लंबाई करीब 42 किलोमीटर है। इसके माध्यम से लोग चंदौली तक सफर करते हैं। इसी तरह ताड़ीघाट-बारा राजमार्ग-124 सी करीब 40 किलोमीटर लंबा है। ताड़ीघाट-बारा एनएच के माध्यम से लोगों को बिहार तक आवागमन करने में सहूलियत मिलती है।
दो बड़े गांवों को जोड़ता है एनएच-124 सी
ताड़ीघाट-बारा राजमार्ग-124 सी जिले को बिहार से जोड़ने के साथ ही जनपद मुख्यालय को दो बड़े गांवों रेवतीपुर व गहमर से भी कनेक्ट करता है। पूर्वांचल का प्रसिद्ध कामाख्या धाम इसी एनएच पर स्थित है। इसके कारण लोग बड़ी संख्या में इससे आवागमन करते हैं। बिहार के बक्सर जाने के लिए यह सुगम एनएच माना जाता है।
चार प्रमुख बाजारों को कनेक्ट करती है फोरलेन
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन जिले में चार प्रमुख बाजारों को कनेक्ट करता है। इनमें सैदपुर, नंदगंज, महाराजगंज व जंगीपुर बाजार शामिल है। जनपद की प्रमुख कृषि मंडी जंगीपुर में ही स्थित है। पूर्वांचल के दो बड़े महानगरों वाराणसी व गोरखपुर से सीधा संपर्क का माध्यम फोरलेन है। जनपद में स्थित क्यामपुर के टोल प्लाजा से फोरलेन पर आवागमन के लिए टोल टैक्स की वसूली भी की जाती है।
एक वर्ष में 10 मौत व 46 घायल
वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन, एनएच 24 व ताड़ीघाट-बारा राजमार्ग- 124 सी पर एक वर्ष में 10 से अधिक हादसे हो चुके हैं। इनमें 10 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 46 लोग घायल हो चुके हैं। छह हादसे में वाहन चालक दुर्घटना होने के बाद मौके से फरार हो गए। अगर मौके पर सीसीटीवी कैमरा व गश्त की सुविधा होती, तो आरोपी वाहन चालकों को ट्रेस करके कानून की गिरफ्त में लाया जा सकता था। साथ ही घायलों को त्वरित सहायता मिलती तो मौत के आंकड़ों में कमी लाई जा सकती थी।
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सरकार पेट्रोल, डीजल व वाहन की खरीदारी पर टैक्स लेती है। साथ ही फोरलेन पर टोल टैक्स भी लिया जाता है। इसके बावजूद यातायात सुरक्षा नगण्य है। - अजय यादव, कबीरपुर
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जिस प्रकार प्रदेश में अन्य हाईवे वगैरह पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की पहल हो रही है, उसी तरह जनपद में भी इसको लेकर कवायद होनी चाहिए। - सुमित सिंह, बवाड़े
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फोरलेन समेत जिले के सभी हाईवे पर सीसीटीवी कैमरा लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही नियमित पेट्रोलिंग व गश्त होना भी सुनिश्चित होना चाहिए। - रजनीश सिंह, सिधौना
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फोरलेन व हाईवे पर सुरक्षित यातायात को लेकर स्ट्रीट लाइट, संकेतक, चेतावनी बोर्ड आदि की व्यवस्था की गई है। जहां तक बात सीसीटीवी कैमरे लगाने की है, तो इसको लेकर अभी निर्देश नहीं मिला है। - अजय, पीडी एनएचआई
पड़ताल की खबर में...ताड़ीघाट-बारा एनएच-124 सी राजमार्ग-संवाद- फोटो : katra news