कसेरा पोखरा गांव स्थित परिवार कल्याण उपकेंद्र उपेक्षा के चलते जर्जर होने के कारण निष्प्रयोज्य हो गया है। उपकेंद्र चारों तरफ से झाड़ झंखाड़ से घिरा है और अब यहां कोई नहीं बैठता है। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर बनाई जा रही है लेकिन कसेरा पोखरा गांव में बना परिवार कल्याण उपकेंद्र पर किसी का ध्यान नहीं है। करीब 12 वर्ष पूर्व बने इस परिवार कल्याण उपकेंद्र पर कभी कोई नहीं बैठा। उपकेंद्र के दरवाजे और खिड़कियां चोरी हो गई हैं। वायरिंग भी नदारद है। उपकेंद्र के चारों तरफ बड़ी-बड़ी घास उग गई है। प़केंद्र पर जाने के लिए रास्ता नहीं है। कोई जाए भी तो कैसे ? रास्ते पर कूडा आदि फेंक कर बंद कर दिया गया है। गांव में लोगों ने इसकी शिकायत भी की और एसडीएम शैलेंद्र प्रताप सिंह ने पदभार संभालने के बाद सबसे पहले इसी गांव का मौका मुआयना किया था। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भी भेजी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस उपकेंद्र पर एएनएम की नियुक्ति भी है लेकिन उपकेंद्र की बदहाली के चलते गांव के विभिन्न स्थानों से सरकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। यहां पर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. रुद्रकांत सिंह ने बताया कि इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी जाएगी और जल्द ही परिवार कल्याण उपकेंद्र को दुरुस्त कराया जाएगा।