मंगलवार से शुरू हो सकता है पहला रोजा
रमजान-उल-मुबारक माह के आखिर अशरे में रोजेदार अल्लाह-तआला की इबादत में वक्त गुजार कर गरीबों की मदद में जुट गए हैं, जिससे उन गरीब परिवारों में भी खुशी-खुशी ईद मनाई जा सके। इस अशरे में जगह-जगह इफ्तार पार्टियां भी खूब हो रही हैं और रोजा खोलने के बाद रोजेदार अपने परिवार के साथ ईद की खरीदारी करने बाजार में जा रहे हैं। ईंद नजदीक होने से मार्केट की रौनक बढ़ गई है।
शहर क्षेत्र में मिश्र बाजार, लाल दरवाजा, महुआ बाग आदि में बाजार सज गये हैं। श्रृंगार के सामानों की खरीददारी की जा रही है। महिलाएं बिंदिया, चूड़ी, मेंहदी, कंगन आदि ले रहीं हैं। इसके साथ ही बाजार में खान-पान के सामान सेवईं, सूतफेनी आदि की खरीदारी हो रही है। फलों की मांग भी बढ़ गई है।
ईद नजदीक होने से टेलर मास्टरों ने भी कपड़ा सिलने से मना कर दे रहे हैं। उनके पास पहले से ही काफी कपड़ेे सिलने के लिए हैं। रेडिमेट कपड़ों की दूकानों भीड़ लग रही है। पुरुष वर्ग जहां कुर्ता पैजामा को अपनी पहली पसंद बनाए हुए हैं, वहीं महिलाएं लहंगा, फ्राक, लहंगा चुनरी, गाउन, जरकन काट के लांग सूटों के साथ ही सूट खूब पसंद कर रही हैं। इतना ही नहीं पुरुष जहां जूते खरीद रहे हैं, वहीं महिलाएं सैंडिल, जूती, चप्पल की खरीदारी में जुटी हैं।