अभी किसान कुछ समझ पाता तब-तक बदमाशों ने उसे दबोचकर उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। वारदात को अंजाम देकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। जानकारी मिलने पर जब-तक परिजन घटना स्थल पर पहुंचते किसान गंभीर रूप से झुलस चुका था। परिवार उसे उपचार के लिए मऊ जिले के सरकारी अस्पताल ले गए , जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
परिजन गंभीर रूप से झुलसे किसान को वाराणसी ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, मृतक के पुत्र आशुतोष बौद्ध ने चाचा अच्छेलाल राम, धीरेंद्र बौद्ध, राघवेंद्र बौद्ध, पूर्व ग्राम प्रधान ओमप्रकाश राम, आदित्य गोल्डेन, रामविलास राजभर के खिलाफ नामजद एवं एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
इस संबंध में कोतवाल श्यामजी यादव ने बताया कि मृतक के पुत्र की तहरीर पर छह नामजद एवं एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्जकर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम और कोतवाल मामले को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाते तो शायद छोटेलाल की जान बच गई होती। डीएम के निर्देश के बावजूद एसडीएम ने मृतक की बात सुनना तो दूर उसकी शिकायत पत्र पर कार्रवाई करना भी मुनासिब नहीं समझा। कोतवाल ने मृतक को हत्यारोपी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में व्यवधान डालने पर मुकदमा दर्ज करने की धमकी देते हुए डांटकर भगा दिया था।
यही नहीं पुलिस कर्मियों को तैनात कर निर्माण कार्य कराया भी जा रहा था। यह बातें पिता के शव के पास बैठा पुत्र आशुतोष बौद्ध बिलखते हुए कह रहा था। पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर मृतक छोटेलाल एवं उसके सगे भाई अच्छेलाल से वर्षों से विवाद चला आ रहा था। मृतक के पुत्र आशुतोष बौद्ध ने बताया कि पिछले दो दिनों से विवादित भूमि पर चाचा अच्छेलाल राम और उनके पुत्रों द्वारा जबरदस्ती निर्माण किया जा रहा था।
इसको लेकर पिता के साथ एसडीएम एवं प्रभारी निरीक्षक के यहां दौड़ता रहा, लेकिन मेरी सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर फोन के माध्यम से जब अपना दर्द डीएम को बताया तो उन्होंने एसडीएम से मिलकर अपनी बात बताने को कहा, लेकिन वह नहीं मिले। उनके कर्मचारी को प्रार्थना-पत्र देकर निर्माण कार्य रोकने की गुहार लगाई।
मृतक के पुत्र ने आरोप लगाया कि यही बात जब प्रभारी निरीक्षक से कही गई तो वह भड़क उठे और मुझे एवं मेरे पिताजी को डांट कर भगा दिया। कार्रवाई न होने की दशा में चाचा अच्छेलाल राम ने अपने पुत्र एवं साथियों के साथ मिलकर पिता छोटेलाल पर पेट्रोल डालकर आग लगाकर हत्या कर दी।
इधर घटना के बाद से परिजनों के रोने-बिलखने गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। मामले में उपजिलाधिकारी, कासिमाबाद भारत भार्गव ने कहा कि कल मैं छुट्टी पर था। मेरे संज्ञान में नहीं था कि कमिश्नरी में वाद दाखिल हो गया है। जानकारी रहती तो कड़ी कार्रवाई की जाती।