नगर पालिका परिषद बोर्ड की मंगलवार को नगर पालिका के सभागार में हुई बैठक बेनतीजा रही। विकास कार्यों की योजनाओं पर चर्चा छिड़ी और पुनरीक्षित बजट को पास कराने के लिए रखा गया लेकिन सभासदों ने बजट को सिरे
से नकार दिया। इसकी वजह से बजट पास नहीं हो पाया। नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार सीज होने के कारण प्रशासक एसडीएम एके सिंह की अगुवाई में इससे पहले हुई दो बैठकें कोरम के
अभाव में स्थगित कर दी गईं थी। आज तीसरी बार बैठक हुई जिसमें बजट पर सभासदों की असहमति के चलते कोई लाभ नहीं मिला।
नगर पालिका परिषद के प्रशासक एके सिंह ने मंगलवार को बोर्ड की बैठक बुलाई। यह बैठक करीब ढाई बजे से शुरू हुई। इस दौरान पिछली कार्रवाई की पुष्टि की बात की गई तो सभासद हो-हल्ला करने लगे। सभासदों का कहना था कि
विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने में भेदभाव हुआ है। प्रशासक ने सभासदों को शांत कराया। इसके बाद विकास कार्यों के लिए बनाई गई बजट पर चर्चा की गई तो फिर सभासद विरोध में उतर आए। सभासदों ने पुनरीक्षित बजट
को स्वीकृति नहीं दी लिहाजा बजट पास नहीं हो पाया। बजट में शहर की नालियों, सड़क मरम्मत आदि के कार्य शामिल किए गए थे। बैठक में सभासदों से विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे गए लेकिन उन्होंने प्रस्ताव नहीं दिया। नगर
पालिका के प्रशासक एके सिंह ने बताया कि सभासदों की सहमति न मिलने की वजह से नगर पालिका का पुनरीक्षित बजट पास नहीं हो पाया जिससे विकास कार्यों में दिक्कतें होंगी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका की जो धनराशि जिस
मद में है, उसमें विकास कार्य कराए जाएंगे। इस मौके पर ईओ जयप्रकाश यादव, सभासद संजय सिंह, राजन सिंह, सरिता गुप्ता, दिनेश यादव, संदीप श्रीवास्तव, संजय वर्मा, पारस कुमार आदि मौजूद रहे।