मछली कारोबारी और मुख्तार के सहयोगी मेहुरूद्दीन उर्फ नन्हें खां को पुलिस ने शुक्रवार को उसके गांव महेंद से गिरफ्तार किया। जिला प्रशासन ने पंचायत चुनाव से पहले 9 अप्रैल को नन्हें को जिला बदर किया था। फिर भी वह पिछले तीन महीने से गांव में था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नन्हे खां पर मुख्तार का सहयोगी होने का आरोप है।
उस पर बलिया के चितबड़ागांव थाने और गाजीपुर के करीमुद्दीनपुर थाने में छह मामले दर्ज हैं। वह मछली कारोबारी है। पिछले दिनों वह अपने गांव के पास बहने वाली मगई नदी में मछली कारोबार के उद्देश्य से निजी खर्च पर पुल का निर्माण कर रहा था। जिसको प्रशासन ने ढहा दिया। दबंगई के दम पर नन्हें महेंद का दो बार प्रधान रहा है। इसी दौरान वह मुख्तार अंसारी के संपर्क में आया था।
इसके बाद से क्षेत्र में नन्हें का नाम मुख्तार से जुड़ने लगा था। कुछ महीने पहले भी एडीजे (कानून) के निर्देश पर चितबड़ागांव और करीमुद्दीनपुर की पुलिस नन्हें खां के घर दबिश देने गयी थी, लेकिन तब वह पकड़ा नहीं जा सका था, तब चितबड़ागांव पुलिस ने नन्हें के एक रिश्तेदार को अपनी गाड़ी में बैठा लिया था ताकि वह पुलिस की गिरफ्त में आ सके। लेकिन गांव के कुछ महिला और पुरुषों ने पुलिस को दौड़ा लिया था। उस घटना के बाद नन्हें प्रशासन की नजर में और चढ़ गया।