इस मामले में अब्बास की ओर से सीजेएम एमपी/ एमएलए कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी गई। जिसकी सुनवाई सीजेएम श्वेता चौधरी ने की। उन्होंने अब्बास अंसारी के अधिवक्ता और सहायक अभियोजन अधिकारी रविंद्र प्रताप यादव के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
वहीं गाजीपुर पुलिस ने बुधवार को मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी पर घोषित इनाम राशि 25 से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी। वह मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार चल रही है। उसके अलावा अन्य 11 अपराधियों की इनाम राशि भी दोगुनी की गई है।
मऊ के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी और उनके परिजनों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब तक करीब 200 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। यहीं नहीं मुख्तार से जुड़े अन्य अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। शासन की कर्रवाईयों का डंडा संगठित अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ लगातार चल रहा है।
अब तक आईएस 191 गैंग के लीडर मुख्तार अंसारी, उनके रिश्तेदार और गैंग से संबंधित 200 करोड़ की अवैध संपत्ति कुर्क की जा चुकी हैं। वहीं मुख्तार अंसारी, उसके रिश्तेदार और करीबियों के खिलाफ जिला प्रशासन व पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी है।