इस दौरान विधायक ने पुलिस टीम को बताया कि इन लोगों की कोई जानकारी नहीं है। दोनों लोग यहां नहीं रहते हैं। वहीं पुलिस टीम दर्जी मुहल्ला स्थित मुख्तार अंसारी के आवास पर दबिश दी। वहां से भी टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। इस संबंध में मुहम्मदाबाद कोतवाल अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि दक्षिण टोला थाने में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में न्यायालय द्वारा वारंट जारी किया गया है।
इसी मामले में मऊ पुलिस दोनों की तलाश में मुहम्मदाबाद आई थी। सफलता न मिलने पर वापस लौट गई। मालूम हो कि कुछ दिन पूर्व मऊ पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ दर्जी मुहल्ला स्थित मुख्तार अंसारी के आवास पर कुर्की की नोटिस चस्पा की थी। साथ ही मुख्तार की पत्नी को भगौड़ा घोषित करने की घोषणा माइक द्वारा की थी।
बांदा जेल में बंद माफिया व पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी और उसकी पत्नी की तलाश में पुलिस 12 विशेष टीमें दो महीने में 135 से अधिक ठिकानों पर छापा मार चुकी हैं, लेकिन दोनों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस टीमें मऊ, वाराणसी, गाजीपुर, पंजाब और दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। कई जगह दबिश भी दी है।
इसके अलावा राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, उत्तराखंड, पंजाब व छत्तीसगढ़ में भी अब्बास की तलाश की जा रही है। लखनऊ महानगर थाने में 2019 में विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज किया गया था। पेशी से गायब रहने पर कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया था। बीते 26 अगस्त को कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया।
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शासन की कार्रवाई का डंडा संगठित अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ लगातार चल रहा है। आईएस 191 गैंग के लीड मुख्तार अंसारी और उनके करीबियों की अब तक 65 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। जबकि गैंग से संबंधित 109 करोड़ की संपत्ति को ध्वस्त कराया जा चुका है। यहीं नहीं मुख्तार अंसारी पर तकरीबन तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। मुख्तार अंसारी के बड़े भाई गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी की अब तक करीब 43 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है।