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Ghazipur News: मुहम्मदाबाद-जमानिया में बाढ़ मचाती है सर्वाधिक तबाही, जखनिया सबसे सुरक्षित

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-बारिश में उफान पर होती हैं 9 नदियां, मंडराने लगता है 252 गांवों में बाढ़ का खतरा
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-प्रशासन ने बाढ़ से निबटने के पूरी की है तैयारी, लेखपाल तक को सौंपी है जिम्मेदारी

आंकड़े
128 अंति संवेदनशील और 124 संवेदनशील गांव किए गए चिन्ह्ति
517 आपदा मित्र तैनात करने की है तैयारी, लगेंगी 78 बड़ी नावें
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। लहुरीकाशी के नाम से प्रसिद्ध इस जिले से गंगा समेत नौ नदियां बहती हैं। बारिश में जब ये नदियां उफान पर होती हैं तो कई गांवाें में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने 252 गांवों को चिह्नित किया है, जहां नदियों के उफान पर होने पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। प्रशासन ने गांवों को दो श्रेणी में बांटा गया है, जिसमें 128 गांवों को अति संवेदनशील और 124 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है।
पिछले कुछ वर्षों में आए बाढ़ के आधार पर प्रशासन ने अपनी तैयारी की है। प्रशासन के मुताबिक सात तहसील वाले इस जिले में जखनियां ही एकमात्र ऐसी तहसील है, जहां बाढ़ का खतरा नहीं है। जबकि गंगा नदी के बढ़ाव से मुहम्मदाबाद और जमानिया तहसील में सबसे अधिक तबाही होती है। इन क्षेत्रों में बाढ़ को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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प्रशासन ने लेखपालों, नाविकों और प्रधानों तक की सूची तैयार करवा ली है। वहीं, पुलिस कर्मियों को भी निचले इलाके के गांवों में पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा है, ताकि जरूरत पड़ते ही राहत-बचाव किया जा सके। हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
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यह भी है प्रशासनिक तैयारी
पिछले कुछ वर्षों में आई बाढ़ के मद्देनजर इस बार जिला एवं तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्ष की स्थापना कर ली गई है। जिला मुख्यालय के अलावा प्रभावित तहसीलों के एसडीएम कार्यालयों में बने कंट्रोल रूम में उपलब्ध दूरभाष पर पल-पल की सूचना उपलब्ध रहेगी। इसके लिए तहसीलदार सहित अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों की व्यवस्था की गई है। इसमें 78 बड़ी नाव, 161 मंझोली नाव के साथ छोटी नाव तथा इंजन चलित नाव भी शामिल हैं। इन नावों को तहसीलवार लगाया गया है। सभी विकासखंडों में बाढ़ केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही 517 आपदा मित्र तैनात किए जाएंगे।

जिले में 250 बाढ़ चौकियां
जिले में 250 बाढ़ चौकियां स्थापित होगी। हर बाढ़ चौकी पर लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सूचना उपलब्ध रहेगी। बाढ़ के समय पानी भर जाने पर उसे निकालने का जिम्मा संबंधित विभाग को दिया गया है। बाढ़ के दौरान नगर पालिका तथा नगर पंचायतों के ईओ पीड़ित लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराएंगे। चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए सभी बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों में चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे।
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बिहार राज्य से अलग करती है कर्मनाशा नदी
गाजीपुर वाराणसी मंडल का एक पूर्वी जिला है। इसके दक्षिण पूर्वी सीमा पर बहने वाली कर्मनाशा नदी इसे बिहार राज्य से अलग करती है। इसके पूर्व दिशा में बलिया, दक्षिण पश्चिम में वाराणसी, उत्तर में मऊ पश्चिम में जौनपुर जिले की सीमा है। सात तहसील एवं सोलह विकासखंडों में फैले इस जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3377 वर्ग किलोमीटर है। इसकी कुल जनसंख्या वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 3622727 है।

आंकड़ों पर एक नजर
तहसील- अति संवेदनशील गांव-संवेदनशील गांव
सदर- 10- 20

सैदपुर- 8- 10

जमानिया-26-37

सेवराई-17-18
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मुहम्मदाबाद-58-16
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कासिमाबाद-09-23

जखनियां-00-00
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बाढ़ के खतरे से निबटने के लिए राहत और बचाव के लिए जिला प्रशासन की तैयारी पूरी है। जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। सभी संबंधित को निर्देश दिया गया है कि किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।- अरुण कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व

जिले में इस तरह बहती हैं सभी नौ नदियां
गंगा नदी जिले में सैदपुर तहसील के खरौना ग्राम में प्रवेश करती है, जो मुहम्मदाबाद तहसील के अजईपुर में जिले की सीमा को छोड़ते हुए बलिया में प्रवेश कर जाती है। इसी तरह गोमती जिले में गंगा की प्रथम सहायक नदी है। यह सैदपुर तहसील के ग्राम नेवादा में प्रवेश करती है और खरौना के बाद गंगा में मिल जाती है। गांगी नदी सैदपुर तहसील के ग्राम अहिरौली में प्रवेश करती है। करीब 40 किमी क्षेत्र से होती हुई सदर तहसील के माहेपुर के पास गंगा में मिल जाती है।
गांगी नदी की अपेक्षा बड़ी बेसो नदी जखनिया तहसील के ग्राम भाला गदाईपुर में प्रवेश करती है और सदर के ग्राम खालिसपुर के पास गंगा में मिल जाती है। इसी तरह मगई नदी जखनिया तहसील के रघुनाथपुर में प्रवेश करती है और सदर तहसील क्षेत्र से होते हुए मुहम्मदाबाद के ग्राम सोनवानी के पास जिले को छोड़ते हुए बलिया जिले की सीमा में प्रवेश कर जाती है।
भैंसही नदी जखनिया के जसौली ग्राम में प्रवेश करके सदर तहसील के क्षेत्रों से होते हुए मुहम्मदाबाद तहसील के बहादुरगंज के पास टौंस नदी में मिल जाती है। टौंस कासिमाबाद तहसील के सिउरी ग्राम के पास जिले में प्रवेश करती है, सिधागरघाट के पास सातनपुर में जिले की सीमा को छोड़ती है। जबकि कर्मनाशा जमानिया तहसील के गायघाट में प्रवेश कर इसी तहसील के बारा के पास गंगा में मिल जाती है।
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वही, उदंती नदी जखनिया तहसील के ग्राम उकरांव के पास प्रवेश कर इसी तहसील में हुरमुजपुर के पास बेसो नदी में मिल जाती है। इन नदियों के कारण बारिश के दिनों में बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है।
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