गाजीपुर। एमआरआई जांच के लिए वाराणसी और मऊ तक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। नए वर्ष 2026 के जनवरी माह से सुविधा मेडिकल कॉलेज में मिलनी शुरू हो जाएगी। तीन सौ बेड अस्पताल के प्रथम तल पर स्थापित करने की कवायद शुरू हो गई है। करीब 30 फीट चौड़ा और 44 फीट लंबे कक्ष में मशीन का संचालन होगा, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है।
जनपद ही नहीं आसपास जिले और बिहार के मरीजों काे बेहतर चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने वाला महर्षि विश्वामित्र मेडिकल काॅलेज में जांच की अत्याधुनिक मशीनों में एक और नाम एमआरआई जुड़ जाएगा।
नस संबंधित परेशानियों के लिए मरीजों को वाराणसी और मऊ स्थित निजी केंद्रों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा और न ही जेब ढीली करनी पड़ेगी।
एमआरआई मशीन को जनवरी से संचालित करने के लिए कक्ष निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। पर्ची काउंटर और एक्स-रे के बीच इसके लिए कक्ष का निर्माण हो रहा है। करीब 30 फीट चौड़ा और 44 फीट लंबा यह कक्ष कई सुविधाओं से लैस होगा।
रेडिएशन से मरीजों एवं तीमारदारों को बचाने के लिए नौ इंच मोटी दीवार पर जहां एक मिलीमीटर कॉपर की परत चढ़ाई जाएगी, वहीं फर्श पर फ्लोरिंग मैट बिछाने का कार्य होगा। स्काई लाइट की व्यवस्था से भी कक्ष लैस होगा।
साथ ही कक्ष की सीलिंग जिप्सम की होगी, जो सुरक्षित होगा। वर्तमान में दीवारों को तोड़कर आवश्यकता और मानक के अनुरूप हॉल का निर्माण चल रहा है, जिससे समय पर बेहतर व्यवस्था यहां आने वाले मरीजों को दी जा सके।