सीएचसी कासिमाबाद में जहरखुरानी की शिकार अधेड़ महिला का इलाज करते चिकित्सक। संवाद
गंगौली। कासिमाबाद कोतवाली क्षेत्र के साधापुर मोड़ के पास सोमवार की शाम सड़क किनारे एक वृद्ध महिला अचेत अवस्था में पड़ी हुई थीं। वहीं उनका बेटा बलिया जनपद के रसड़ा क्षेत्र में सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिला। लुटेरों ने आभूषण लूटने के लिए मां- पुत्र को जहरखुरानी का शिकार बनाया और सड़क किनारे अचेतावस्था में छोड़कर भाग गए। बलिया जनपद के जमुई सिकंदरपुर निवासी पिंटू मिश्रा ने बताया कि उनकी माता मीरा मिश्रा (60) और छोटा भाई टिंकू मिश्रा (35) सुबह बाइक से मां की दवा कराने के लिए मऊ जनपद स्थित फातिमा अस्पताल गए थे। वृद्धा मीरा मिश्रा साधापुर गांव मोड़ के पास सड़क किनारे अचेत अवस्था में मिलीं। आसपास के ग्रामीणों ने उनके पास मिले फातिमा अस्पताल के दस्तावेज के आधार पर परिजनों को सूचना दी और एंबुलेंस बुलाकर उन्हें सीएचसी कासिमाबाद भेजवाया। ग्रामीणों ने बताया कि एक बोलेरो सवार महिला को सड़क किनारे छोड़कर भाग गए।
कुछ देर बाद टिंकू मिश्रा के रसड़ा क्षेत्र के महटवार चट्टी के पास बेहोशी की हालत में पड़े होने की सूचना मिली। बताया गया कि महिला के हाथ-पैर व गले के आभूषण गायब थे, जबकि नाक में पहना आभूषण मौजूद था। सीएचसी कासिमाबाद में तैनात डॉ. अमित कुमार प्रियदर्शी ने बताया कि महिला जहरखुरानी की शिकार प्रतीत हो रही हैं। उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है और आवश्यक इंजेक्शन लगाए गए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राज नारायण ने बताया कि तहरीर मिलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।