अगर आपको रोडवेज बस से कहीं यात्रा का कार्यक्रम निर्धारित किया है, तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वजह प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में डिपो की आधे से ज्यादा बसें चली गई हैं। डिपो में बसों की कमी हो जाने से यात्रियों को कई मार्गों पर बसों के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। बसों की कमी से रोडवेज की सेहत पर तो कोई फर्क नहीं पड़ रहा है, लेकिन शादी-विवाह के इस मौसम में यह समस्या लोगों को खल रही है।
403 विधानसभा सीटों के लिए सात चरणों में कराए जा रहे चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। विस चुनाव में सुरक्षा कर्मियों को लाने एवं ले जाने के लिए रोडवेज की बसें लगाई गई हैं। करीब दस दिन पहले रोडवेज के स्थानीय डिपो की छह बसें पहले चरण के चुनाव के लिए अर्द्ध सैनिक बलों के लिए भेजी गई थीं।
इसी क्रम में 24 बसें होमगार्ड एवं 19 बसें पुलिस एवं पीएसी कर्मियों के लिए भेजी गई हैं। डिपो के बेड़े में मौजूद कुल 84 बसों में से 49 बसों के चुनावी ड्यूटी में चले जाने के कारण वर्तमान में डिपो में महज 35 बसें ही रह गई हैं। होमगार्डों को लेकर गई बसें पांच मार्च तक आएंगी। आधी से अधिक बसों के चुनाव में लग जाने के कारण विभिन्न मार्गों पर बसों की कमी हो गई हैै।
बताया गया है कि कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी मार्ग पर बसों की कमी हो गई है। यही नहीं मथुरा एवं दिल्ली के लिए भी बसों की कमी का सामना यात्रियों को करना पड़ रहा है। बसों के चुनाव में चले जाने से रोडवेज को तो चपत नहीं लग रही है लेकिन शादी-विवाह के इस मौसम में यात्रियों की फजीहत हो रही है। दूरदराज के शहरों की यात्रा करने के लिए उन्हें साधन का अभाव अखर रहा है। मजबूर होकर लोग दूसरे साधनों या टुकड़ों में यात्रा करने को विवश हैं। इस संबंध में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक उमेश सी आर्य ने कहा कि यात्रियों को असुविधा न हो इसका हर संभव प्रयास किया जा रहा है।