पहले तो इलाज में लापरवाही हुई और जब नवजात की मौत हो गई तो उसका इलाज करने के नाम पर हजारों वसूल लिए गए। घर वालों को जब यह जानकारी हुई तो उन्होंने न सिर्फ जमकर हंगामा मचाया बल्कि निजी चिकित्सकों के
खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस चौकी में तहरीर भी दी। पुलिस का कहना है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
भांवरकोल ब्लाक के गोड़ी गांव निवासी मुकेश शर्मा ने तहरीर में कहा है कि उनकी पत्नी संजू देवी को आशा कार्यकर्ता
ने एक अगस्त को मुहम्मदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया था। ड्यूटी पर तैनात एक एएनएम ने दो अगस्त को 4.30 बजे सुबह संजू को लेबर रूम में टेबल पर लिटा कर इंजेक्शन लगाया। इसके बाद वह चली गई। दर्द
होने पर दाई एएनएम को बुलाने के लिए चली गई, इस बीच बच्चा पैदा होकर जमीन पर गिर गया, जिससे उसकी मृत हो गई। सूचना पर एएनएम जब वहां पहुंची तो बच्चे को नीचे गिरा देख उसके होश उड़ गए। उसने आनन फानन
में समीप के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डाक्टर ने 5700 रुपये लेकर नवजात को भर्ती कर लिया। बाहर से डाक्टर बुलाने के लिए 25 हजार की मांग की गई। डाक्टर ने 6 हजार रुपये जमा कर एंबुलेंस से वाराणसी भेजने की
बात कहीं। इस बीच जब गांव व अन्य लोग पहुंचे तो देखा नवजात की सांसें थम गई थीं। बुधवार की सुबह मुकेश के साथ पूर्व चेयरमैन शमीम अहमद, तहम्मूल खां, सितारा देवी, समेत काफी संख्या में लोग शाहनिंदा चौकी पहुंचे तथा
उक्त एएनएम पर लापरवाही तथा निजी अस्पताल के डाक्टर पर एफआईआर दर्ज करने की मांग को ले हंगामा किया। प्रदर्शन करने वाले में फेकु सिंह यादव, ग्राम प्रधान रामकृत यादव, गोपाल पासी, अब्दुल रशीद, शाहीद जमाल खॉ,
रिसू, अरशद खॉ, अमीर हमजा, आदिल खॉ, जियाउददीन खॉ, आदि लोग शामिल रहे। घटना की जानकारी होने पर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश भी दिखा। बहरहाल, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।